कम नहीं हुआ कश्मीरियों का फौज में जाने का उत्साह, 251 युवा बने सेना का हिस्सा
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दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम के लेफ्टिनेंट फैयाज की हत्या के बाद भी कश्मीरी युवाओं में आतंकियों का कोई डर-भय नहीं है। सेना भर्ती रैली में भीड़ उमड़ रही है। युवाओं में सेना में शामिल होने के लिए जबर्दस्त उत्साह है। मार्च-अप्रैल महीने में उत्तरी कश्मीर के हैदरबेग में हुई सेना भर्ती में 800 रिक्तियों के लिए 19 हजार और जैकलाई की भर्ती रैली में 200 रिक्तियों के लिए 5000 आवेदन पहुंचे थे।
यह कहना है 15 कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल जेएस संधू का। वे जैकलाई के पासिंग आउट परेड में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। जम्मू कश्मीर लाइट इंफेंट्री (जैकलाई) के बाना सिंह परेड ग्राउंड में आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान 251 जवान भारतीय सेना का हिस्सा बने। दिलों में देश प्रेम का जज़्बा लिए इन जवानों ने देश सेवा की शपथ ली।
राज्य के विभिन हिस्सों से संबंध रखने वाले इन युवाओं द्वारा जैकलाई रेजिमेंटल सेंटर में 11 महीने की कड़ी ट्रेनिंग प्राप्त की गई। पासिंग आउट परेड की सलामी सेना की 15वीं कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल जेएस संधू ने ली।
उन्होंने सेना में शामिल हुए इन जवानों को बधाई देते हुए राष्ट्र के प्रति निस्वार्थ सेवा देने पर जोर दिया। कहा कि आज का यह दिन इन सभी के परिवारों के लिए अहम दिन है। हर माता-पिता का सपना रहता है कि उनका बच्चा अच्छा रोजगार प्राप्त कर अच्छी जिंदगी व्यतीत करे। जो युवा आज सेना में शामिल हुए हैं उनके परिवारों की भी जिंदगी अच्छी रहेगी।
उन्होंने बताया कि इन युवाओं में से 50 युवा कश्मीर से हैं और शेष का संबंध जम्मू और लद्दाख संभाग के विभिन्न इलाकों से है । पत्रकारों के एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि रोजगार हासिल करने के लिए युवाओं की दिलचस्पी कम नहीं होगी क्योंकि जो पढ़ाई करता है वह जिंदगी में आगे बढ़ना चाहता है। उसके सामने जो कोई भी मौके आते हैं वह उसे किसी भी कीमत पर छोड़ना नहीं चाहता है।