{"_id":"9ea3eb0a7730065a47294c7252150790","slug":"yelorst-spread-in-mountainous-areas-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पर्वतीय इलाकों में भी फैला येलोरस्ट ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पर्वतीय इलाकों में भी फैला येलोरस्ट
ब्यूरो/अमर उजाला,कठुआ
Updated Sun, 22 Feb 2015 01:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रबी सीजन की मुख्य फसल गेहूं पर येलोरस्ट बीमारी के खतरे से किसानों में चिंता है। महानपुर कसबे सहित आसपास और दूरदराज इलाकों में भी येलोरस्ट बीमारी से फसलें प्रभावित होने लगी है। ऐसे में किसान फसलों के नुकसान के डर से चिंतित हो गए हैं।
विज्ञापन
स्थानीय निवासी सुरिंदर गुप्ता, शाम सिंह, शुकल कुमार, देविंदर शर्मा आदि ने बताया कि महानपुर तहसील के विभिन्न इलाकों में येलोरस्ट बीमारी ने पांव पसारना शुरू कर दिए हैं। कुछ इलाकों में तो यह बीमारी खासी फैल भी चुकी है, जिससे फसल चौपट होने का खतरा मंडराने लगा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि कृषि विभाग द्वारा किसानों को समय पर दवाइयां उपलब्ध करवानी चाहिए, ताकि समय रहते रोकथाम और उपचार को मुमकिन किया जा सके। अन्य पर्वतीय इलाकों में हर साल प्रभावित होने वाली फसल इस बार पूरी तरह से चौपट हो सकती है।
विज्ञापन
वहीं एग्रीकल्चर एक्सटेंशन अफसर जितेंद्र खजूरिया ने बताया कि महानपुर तहसील के कई इलाकों में बीमारी के लक्षण सामने आए हैं। इसके लिए किसानों को जागरूक करने और दवाइयां वितरित करने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि किसानों को प्रोपीकोनाजोल (टिल्ट) स्प्रे करना चाहिए। एक एकड़ भूमि में 250 मिलीलीटर की औसत से स्प्रे किए जाने से बीमारी की रोकथाम हो जाती है।