यासीन मलिक ने बाढ़ को बताया साजिश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू-कश्मीर में आई बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित हैं, सेना समेत तमाम एजेंसियां राहत कार्य में लगी हैं। इन हालात में भी अलगाववादी नेता अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं।
ताजा मामला है जेकेएलएफ के प्रेसीडेंट यासीन मलिक द्वारा दिए गए बयान का। मलिक ने शुक्रवार को नमाज के बाद अपने समर्थकों के साथ रैली निकाली। रैली के दौरान मलिक ने बाढ़ को प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि साजिश बताया।
बता दें कि अब तक आपदा में 280 लोगों की मौत हो चुकी है, ऐसे हालात में भी मलिक द्वारा दिए गए इस बयान की चौतरफा निंदा हो रही है।
हैंडपंप से हो रहा पानी निकासी का काम
पिछले दो सप्ताह से बाढ़ की मार झेल रही कश्मीर घाटी में भले ही हालात सुधरने लगे हैं, लेकिन सामान्य जनजीवन पटरी पर लौटने के लिए अभी एक सप्ताह और लगेगा। सचिवालय में दूसरे दिन भी मुलाजिमों की उपस्थिति न के बराबर रही। शुक्रवार को भी सचिवालय परिसर से हैंडपंप लगाकर पानी निकासी का काम चलता रहा।
इसके अलावा फायर ब्रिगेड की टीम को भी पानी निकालने के लिए लगाया गया। डल लेक से सचिवालय तक की सड़क में यातायात शुरू नहीं हो पाया। सड़कों पर पानी जमा है। जहांगीर चौक से इकबाल पार्क तक पानी अभी भी भरा होने के कारण पैदल निकलना भी मुश्किल है।
बाढ़ प्रभावित ज्यादातर इलाकों में अभी भी प्रशासनिक अमला नजर नहीं आ रहा है। सरकार की अधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार अब तक 280 लोगों की आपदा में मौत हो चुकी है। इनमें से 203 लोगों की जम्मू में जबकि 77 लोगों की घाटी में मौत हुई है।