यासीन मलिक के विवादित बयान मचा बवाल
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जम्मू कश्मीर के अलगाववादी नेता और जेकेएलएफ के अध्यक्ष मोहम्मद यासीन मलिक के विवादित बयान पर राज्य के सियासी गलियारों में हलचल मच गई है। राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस बयान का विरोध किया है। उनका कहना है कि यासीन मालिक ऐसे बयान देकर हालात बिगाड़ना चाहते हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय सेक्रेटरी तरुण चुग ने यासीन मलिक के बयान पर कहा कि ऐसी बातें उठाकर वह सिर्फ वातावरण खराब करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर में जो मूलभूत सुविधाएं हैं, उनकी ओर कोई ध्यान नहीं देता, उस पर कोई चर्चा नहीं करता।
चुग ने कहा कि अगर वह (यासीन मलिक) सही में कश्मीर के लोगों के हित के लिए कार्य करना चाहते हैं तो वह पानी, बिजली, फसल की भरपाई और बेरोजगारी आदि जैसी बातों पर चर्चा करें लेकिन उसके लिए उनके पास समय ही नहीं। वह सिर्फ यह सोचते हैं कि किस तरह समाज को बांटा जाए।
यासीन मलिक का बयान स्वघोषित बयान
पीडीपी प्रवक्ता वहीद-उर-रेहमान पर्रा के अनुसार, अलगाववादी नेता यासीन मलिक का बयान स्वघोषित बयान है और वह स्वघोषित जांच चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान देकर वह अपने प्रति ध्यान बंटाना चाहते हैं।
वहीं नेशनल कांफ्रेंस के प्रवक्ता जुनैद अजीम मट्टू ने कहा कि जिस जांच की बात यासीन मलिक करते हैं, आखिर वह होते कौन हैं जांच करने वाले। गौरतलब है कि उत्तरी कश्मीर के सोपोर में आतंकी घटनाओं को लेकर जेकेएलएफ के अध्यक्ष मोहम्मद यासीन मलिक ने बयान दिया था कि राज्य में सिर्फ दो ही बंदूकें हैं, एक सरकारी और एक आजादी पसंद लोगों की।
अगर वह दोनों ही सोपोर की घटनाओं को अंजाम देने को लेकर नकार रहे हैं तो फिर यूनाइटेड जिहाद कौंसिल (यूजीसी) के चीफ सईद सलाहुद्दीन एक कमेटी का गठन कर मामले की जांच करवाएं कि आखिर इसके पीछे किसका हाथ है।