गांदरबल से यासीन मलिक गिरफ्तार किए गए
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जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के चेयरमैन यासीन मलिक को शुक्रवार को उस समय पुलिस ने हिरासत में ले लिया, जब वह मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले के कंगन में जनसभा को संबोधित करने के लिए जा रहे थे।
जेकेएलएफ प्रवक्ता के अनुसार यासीन को जुमे की नमाज के बाद जनसभा को संबोधित करना था। लेकिन, पुलिस ने उन्हें श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र जकूरा में ही हिरासत में ले लिया। यासीन के अलावा कई अन्य कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है।
वहीं पुराने शहर नौहट्टा में जामिया मस्जिद के बाहर शुक्रवार को एक बार फिर हिंसक प्रदर्शन देखने को मिला। जुमे की नमाज के बाद कुछ नकाबपोश युवा सड़क पर उतर आए और आजादी के हक में नारेबाजी करने लगे।
जुमे की नमाज के बाद हिंसक प्रदर्शन
लोगों द्वारा पाकिस्तान के अलावा आतंकी संगठन आईएसआईएस, जैश-ए-मोहम्मद और अल-जेहाद के झंडे भी लहराए गए। इसके अलावा जमात-उद-दावा के चीफ हाफिज सईद और हिजबुल मुजाहिदीन के सुप्रीम कमांडर सलाहुद्दीन के पोस्टर भी प्रदर्शन के दौरान दिखाई दिए।
प्रदर्शनकारी युवाओं द्वारा बुरहान का पोस्टर भी लहराया गया, जिसकी हत्या 20 सितंबर को सोपोर में आतंकियों द्वारा की गई थी। प्रदर्शनकारियों को उग्र होते देख पुलिस हरकत में आ गई।
इसके बाद प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा कर्मियों के बीच भिड़ंत हो गई। प्रदर्शनकारियों ने जमकर पत्थरबाजी की। बाद में स्थिति को नियंत्रण से बाहर होते देख सुरक्षा बल ने आंसू गैस के गोले दागे। इस दौरान क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।
नौहट्टा के अलावा गोजवारा और राजौरी कदल में भी हिंसक प्रदर्शन देखने को मिले। इससे गतिविधियां प्रभावित हुईं। प्रदर्शन के दौरान एक न्यूज चैनल के कैमरामैन सहित दर्जनों लोग घायल हुए। इनमें कई सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं।