कश्मीर: अलगाववादी नेता यासीन मलिक गिरफ्तार
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जुमे की नमाज के बाद उग्र प्रदर्शन करने के कारण अलगाववादी नेता यासीन मलिक को गिरफ्तार कर लिया गया है। पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थियों का मुद्दा शुक्रवार को एक बार फिर श्रीनगर में गर्माया। अलगाववादी दल जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के अध्यक्ष मोहमद यासीन मलिक ने अपने सैंकड़ों कार्यकर्ताओं सहित लाल चौक से सटे माईसुमा इलाके से एक प्रदर्शन रैली निकाली।
उनके द्वारा पाकिस्तानी शरणार्थियों को जम्मू कश्मीर में बसाने को लेकर और पार्लियामेंट्री कमेटी की सिफारिशों के विरोध में प्रदर्शन किया। इस मौके पर पत्रकारों से बात करते हुए जेकेएलएफ अध्यक्ष मोहमद यासीन मलिक ने चेतावनी दी कि अगर ऐसा किया गया तो जम्मू कश्मीर के हर ज़िले में इसके खिलाफ प्रदर्शनों का दौर शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह सब सोची समझी साज़िश के अंतर्गत किया जा रहा है। मलिक ने यह भी कहा कि देश के अन्य राज्यों में इन शरणार्थियों को क्यों नहीं नागरिकता दी जा रही है जम्मू कश्मीर में ही क्यों? उन्होंने यह भी कहा कि वह राज्य के सपेशल स्टेटस को हटाने के खिलाफ किसी भी कार्रवाई को नहीं होने देंगे।
विस्थापितों का मामला संसदीय कमेटी के पास
पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थियों के मुद्दे के विरोध में जेकेएलएफ के समर्थक केंद्र सरकार विरोधी नारेबाज़ी करते हुए लाल चौक की ओर बढ़ने लगे और इन्हे पुलिस द्वारा रोकने की कोशिश की गई और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच भिड़ंत हुई।
स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज समेत आंसू गैस के गोले दागे गए और काफी मशक्कत के बाद स्थिति को काबू में कर लिया गया। इस दौरान पुलिस ने जेकेएलएफ अध्यक्ष मोह मद यासीन मलिक समेत दर्जन भर समर्थकों को भी हिरासत में लिया।
गौरतलब है कि पार्लियामेंट्री कमेटी ने गृह मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट में सिफारिश की थी कि जम्मू कश्मीर राज्य में पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थियों को स्टेट सब्जेक्ट दिए जाएं और साथ ही उन्हे विधान सभा चुनावों में मतदान का अधिकार भी दिया जाएगा। इस मुद्दे पर कश्मीर की मुख्यधारा के राजनैतिक दल भी एक जुट होकर इसका विरोध कर रहे हैं।