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Jammu News: राजतिलक भवन में शस्त्र पूजन, सुख-समृद्धि की कामना
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- अमर क्षत्रिय राजपूत सभा ने परंपरा के अनुसार किया हवन, बुराई पर अच्छाई की जीत का दिया संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। विजयदशमी पर श्री अमर क्षत्रिय (राजपूत) सभा जम्मू-कश्मीर की ओर से पुरानी मंडी स्थित राजतिलक भवन में शस्त्र पूजन समारोह आयोजित किया गया। सभा के अध्यक्ष बिशन सिंह जम्वाल की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बिरादरी के सदस्यों ने भाग लिया। इस दौरान हवन किया गया और समाज, प्रदेश तथा देश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की गई।
कार्यक्रम में सुबह 11 बजे विद्वान पंडितों ने हवन शुरू करवाया। विधि-विधान से शस्त्र पूजन किया गया। सभा के चेयरमैन नारायण सिंह ने कहा कि विजयदशमी बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। भगवान श्रीराम ने रावण का अंत कर लोगों को उसके अत्याचारी शासन से मुक्ति दिलाई थी। उन्होंने कहा कि शस्त्र पूजन का उद्देश्य हथियारों का दुरुपयोग नहीं, बल्कि समाज और देश की सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी का संकल्प लेना है। ऐसे पर्व समाज में एकता, भाईचारे, शांति और सद्भाव को मजबूत करते हैं। समारोह में महंत नरसिंह दास जी सहित सभा के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। सभी ने समाज की एकता और राष्ट्र की प्रगति के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। विजयदशमी पर श्री अमर क्षत्रिय (राजपूत) सभा जम्मू-कश्मीर की ओर से पुरानी मंडी स्थित राजतिलक भवन में शस्त्र पूजन समारोह आयोजित किया गया। सभा के अध्यक्ष बिशन सिंह जम्वाल की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बिरादरी के सदस्यों ने भाग लिया। इस दौरान हवन किया गया और समाज, प्रदेश तथा देश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की गई।
कार्यक्रम में सुबह 11 बजे विद्वान पंडितों ने हवन शुरू करवाया। विधि-विधान से शस्त्र पूजन किया गया। सभा के चेयरमैन नारायण सिंह ने कहा कि विजयदशमी बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। भगवान श्रीराम ने रावण का अंत कर लोगों को उसके अत्याचारी शासन से मुक्ति दिलाई थी। उन्होंने कहा कि शस्त्र पूजन का उद्देश्य हथियारों का दुरुपयोग नहीं, बल्कि समाज और देश की सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी का संकल्प लेना है। ऐसे पर्व समाज में एकता, भाईचारे, शांति और सद्भाव को मजबूत करते हैं। समारोह में महंत नरसिंह दास जी सहित सभा के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। सभी ने समाज की एकता और राष्ट्र की प्रगति के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।
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