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करवाचौथः डर के साये में ही सही, सरहद पर भी किया चांद का दीदार
amarujala.com- Presented by: चंद्रा पाण्डेय
Updated Mon, 09 Oct 2017 11:29 AM IST
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- फोटो : amar ujala
मन में डर, लेकिन पति की लंबी दुआ के लिए चांद को देखने के उत्साह के आगे पाक गोलों का डर फीका पड़ गया। गोलों की परवाह किए बगैर सीमांत इलाकों में भी करवाचौथ की धूम रही। सुहागिनों ने घरों की छतों पर जाकर चांद की दीदार किया और चांद को अर्ध देकर पूजा की।
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पिछले साल बार्डर पर रहने वाली कई महिलाओं ने राहत शिविरों में चांद का दीदार कर करवाचौथ मनाया था। अभी कुछ दिन पहले ही अरनिया और आरएस पुरा सेक्टर में जबरदस्त गोलाबारी हुई। इससे लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए।
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महिलाओं के मन में गोलाबारी को लेकर कुछ डर जरूर था, लेकिन पति की लंबी आयु के लिए रखे गए व्रत के आगे गोलाबारी का डर फीका पड़ गया। अरनिया में भी महिलाओं ने बढ़-चढ़ कर करवाचौथ में हिस्सा लिया। महिलाओं ने घरों की छतों पर जाकर रात को चांद देखा और पति के हाथों पानी पीकर व्रत तोड़ा।
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गांव कारोटाना में भी महिलाओं ने गोलों की परवाह किए बिना छत पर जाकर चांद का दीदार किया। अरनिया की रहने वाली शीतल ने कहा कि गोलाबारी तो अब हर साल होने लगी है। डर तो रहता है, लेकिन आज उनको डर नहीं लग रहा।
वह अपने पति की लंबी आयु के साथ यह भी दुआ कर रही हैं कि बार्डर पर शांति हो और सब अमन चैन से रह सकें। किसी का भी सुहाग पाक गोलाबारी की वजह से न उजड़े।