सिलाई मशीनों को लेकर डीसी ऑफिस पर प्रदर्शन
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प्रशिक्षण पूरा होने के बावजूद जब सिलाई मशीनें और नकद सहायता नहीं मिली तो महिलाओं और युवतियों ने मंगलवार को डीसी दफ्तर के बाहर जमकर हंगामा काटा।
आरएसपुरा के गांव सलैड़ कोठे की इन महिलाओं ने आरोप लगाया कि प्रशिक्षण का कोर्स पूरा होने के बाद उनकी कोई सुध नहीं ली गई। इन महिलाओं को समाज कल्याण विभाग की ओर से सिलाई का प्रशिक्षण दिया गया था।
गांव की पंच शीला रानी के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं और युवतियों ने बताया कि उनके गांव में समाज कल्याण विभाग द्वारा सिलाई केंद्र खोलकर प्रशिक्षण दिया गया। तब कहा गया था कि कोर्स पूरा होने के बाद उन्हें सरकार द्वारा सिलाई मशीनें और हर प्रशिक्षार्थी को दो हजार रुपये दिए जाएंगे।
कोर्स पूरा होने के बावजूद नहीं दी जा रही मदद
इस राशि में से पांच-पांच सौ रुपये दिए भी जा चुके हैं। कुछ को सिलाई मशीन भी मिल गई हैं, लेकिन बाकी को सिलाई मशीनें नहीं दी जा रही हैं। इसके अलावा शेष पंद्रह सौ रुपये देने में भी आनाकानी की जा रही है।
पंच शर्मिला ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष तक सिलाई केंद्र को चलाने के बाद अब इसे बंद कर दिया गया है। 25 में से 11 युवतियों को सिलाई मशीनें मिल गई हैं। बाकी महिलाओं और युवतियों को सिलाई मशीनें देने की बात जब केंद्र की प्रशिक्षणकर्ता से की जाती है तो वह चुप हो जाती हैं।
उन्होंने स्थानीय विधायक पर आरोप लगाया कि उनके दबाव के कारण ही ऐसा किया जा रहा है। पंच ने कहा कि ऐसे में मजबूर होकर डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करना पड़ा है।