फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Will seek permission from court to give relief to two lakh poor in Jammu Kashmir

जेके एलजी: दो लाख गरीबों को राहत देने के लिए कोर्ट से मांगेंगे अनुमति, छह लाख कनाल सरकारी भूमि खाली कराई

Thu, 06 Apr 2023 02:42 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: विमल शर्मा Updated Thu, 06 Apr 2023 02:42 AM IST
सार

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जनरल जोरावर सिंह सभागार जम्मू विश्वविद्यालय में पंच प्रण उत्सव समारोह में भाग लिया। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त 2019 के बाद जम्मू-कश्मीर में नई यात्रा की शुरुआत हुई।

विज्ञापन
Will seek permission from court to give relief to two lakh poor in Jammu Kashmir
जम्मू विवि में एलजी मनोज सिन्हा को पेटिंग भेट करते लोग - फोटो : संवाद

विस्तार

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में कब्जाई गई छह लाख कनाल सरकारी भूमि को खाली करवा लिया गया है। जो कुछ लोग बचे हैं वे ये न समझें कि हमने अभियान बंद कर दिया है। कब्जा करने वाले किसी भी रसूखदार को बख्शा नहीं जाएगा।

विज्ञापन


गरीब आदमी को तंग भी नहीं किया जाएगा। ऐसे करीब दो लाख लोगों के कल्याण के लिए न्यायालय से अनुमति मांगेंगे। ऐसे लोगों के पास रहने के लिए घर नहीं है, खाने के साधन नहीं हैं, हम नहीं चाहते कि हमारी वजह से ऐसे गरीब लोगों की आजीविका उजड़े।
विज्ञापन


एलजी बुधवार को जनरल जोरावर सिंह सभागार जम्मू विश्वविद्यालय में तीन दिनी पंच प्रण उत्सव समारोह में बोल रहे थे। उपराज्यपाल ने कहा कि 5 अगस्त 2019 के बाद जम्मू-कश्मीर में नई यात्रा की शुरुआत हुई। प्रदेश के नागरिकों की सामूहिक ऊर्जा और चेतना नए प्रकार से आई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पहली बार भेदभाव से मुक्त होकर जम्मू-कश्मीर ने अपने सामर्थ को पहचाना। नए संकल्प के साथ प्रदेश के सवा करोड़ से अधिक लोगों ने नई दहलीज पर कदम रखा। विद्यार्थियों कोे अपने विचारों की जड़ों को मजबूत करना चाहिए।

देश के अलग अलग हिस्सों में जहां भी लोगों की आकांक्षाएं साकार हुई हैं वहां समावेशी व विकास आधार बना है। प्रदेश में डिजिटल ट्रांजेक्शन बढ़ा है। फाइलों का बोझ ढोने वाली दरबार मूव की प्रथा को बंद किया। सचिवालय को ई आफिस में तब्दील किया।  

इस माह के अंत तक 40 सेवाएं आटोमेटिक अपील प्रणाली से जुड़ेंगी 

ई सुशासन में जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेशों में शीर्ष पर हैं। 445 सेवाएं आनलाइन मोड पर हैं। जनता से जुड़े कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए आटोमेटिक अपील प्रणाली से 40 सेवाओं को इसी माह के अंत तक जोड़ने की कोशिश की जा रही है। मौजूदा आठ सेवाएं आनलाइन कर चुके हैं।  

आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ रहा जम्मू-कश्मीर 

एलजी ने कहा, आज देश में समग्र विकास के नए सपने को गरीब आदमी भी देख रहा है। सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं ने क्रांतिकारी बदलाव लाया है। पारदर्शिता को लेकर देश के किसी भी राज्य में उच्च मानदंड जम्मू-कश्मीर में हैं।

प्रदेश आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ रहा है। इस साल 70 हजार परियोजनाएं पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। उनको दिक्कत हो रही जो बिना मंजूरी और निविदा के काम करते थे। कृषि क्षेत्र के विस्तार के लिए 5013 करोड़ खर्च किए जा रहे है।

लोगों को हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू भाषा में भूमि पासबुक उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने संपत्ति कर की ओर इशारा करते हुए कहा कि अच्छी सेवा के लिए लोगों को थोड़ा से भुगतान भी करना होगा। जम्मू और श्रीनगर में दो आईटी टॉवर बनने जा रहे हैं। 

भारत के पास दुनिया का सबसे युवा और कुशल कार्यबल होगा

एलजी ने कहा कि 2047 में जब हम स्वतंत्रता के 100 वर्ष मनाएंगे, भारत के पास दुनिया का सबसे युवा और सबसे कुशल कार्यबल होगा। जम्मू-कश्मीर ने चौतरफा महत्वपूर्ण प्रगति की है। एलजी ने अमृत काल और पीएम नरेंद्र मोदी के पंच प्रण के बारे में कहा, इन पांच संकल्पों में देश को विकसित भारत के रूप में आगे बढ़ाना है। 

इसके अलावा गुलामी की मानसिकता को खत्म करना, भारत की विरासत पर गर्व करना, एकता और एकजुटता की ताकत और राष्ट्र के प्रति नागरिकों के कर्तव्य, भारत को 2047 तक एक विकसित देश बनाना शामिल है। आज हम दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं और अगले 25 वर्षों में हम 26 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था होंगे।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed