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रविवार सुबह से ही धूप खिलने सर्दी से मिली राहत
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परगवाल में मौसम साफ होने पर घूप सेकते लोग
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आरएस पुरा। धूप निकलने से रविवार सुबह से ही लोगों को सर्दी से राहत मिली। लोग धूप सेंकने के लिए छतों व खुले स्थानों पर निकल आए। धूप को देखकर बच्चे खुश नजर आ रहे थे। इसके चलते बाजारों में ग्राहकों के निकलने से रौनक रही।
मौसम में आए बदलाव के बीच पांच दिन से उपजिले में कड़ाके की ठंड थी। रविवार को इसमें जरूर कमी नजर आई। शनिवार को अधिकतम तापमान लुढ़क कर 14.5 डिग्री पहुंच गया। कंपकंपी बढ़ने के कारण घरों के अंदर भी लोग ठंड से कराहते रहे। रविवार को भी अधिकतम तापमान 14.5 पांच पर ही स्थिर रहा। न्यूनतम तापमान नौ डिग्री दर्ज किया गया। शाम होते ही सर्दी का सितम फिर शुरू हो गया। ठंड के कारण कामगारों के साथ ही आमलोगों की मुश्किलें भी बढ़ गईं। हालांकि दो दिन की अपेक्षा रविवार को छुट्टी का दिन होने के बावजूद सड़कों पर लोगों की आवाजाही अपेक्षाकृत ज्यादा रही।
ठंड बढ़ने के कारण गर्म कपड़े की मांग काफी बढ़ गई है। दुकानों में गर्म कपड़े की खरीदारी के लिए लोगों की आवाजाही लगातार बनी रही। चौक-चौराहे पर भी लोग गरम कपड़े की खरीदारी करते दिखाई दिए। मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार सोमवार को धूप निकलने की संभावना है। तापमान में भी हल्की वृद्धि होने उम्मीद है। ऐसे में ठंड से कुछ राहत मिल सकती है। दूसरी ओर खेतों में जलभराव होने पर बारिश बंद होने पर किसान खेतों में कार्य करते हुए नजर आए।
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किसान खजान चंद ने कहा कि इस समय बारिश की जरूरत थी। खुश्क सर्दी से कई प्रकार की बीमारियों से भी छुटकारा मिला और जमीन में नमी होने पर लगाई गेहूं व सब्जियों के लिए बेहतर बताया।
पांच दिन बाद निकली धूप
किसानों सहित लोगों ने ली राहत की सांस
अरनिया। बीते मंगलवार से जारी बारिश से त्रस्त लोगों को रविवार को राहत मिल गई। वहीं फसल को लेकर चिंता में डूबे किसानों के चेहरों पर भी रौनक देखी गई। रविवार सुबह उठते ही सूर्य की पहली किरण ने लोगों का स्वागत किया और एक दो घंटे बाद ही सर्दी से बचने के लिए लोगों ने घरों की छत पर बैठना शुरू कर दिया।
इसके अलावा बीते पांच दिन से बारिश में भीग चुके कपड़ों को भी धूप में डाला गया। दूसरी ओर किसानों के अनुसार गेहूं फसल के नुकसान का अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। दो-तीन दिन तक खिली धूप रहने के बाद ही पता चल पाएगा, क्योंकि आमतौर पर डूबने के बाद गेहूं फसल को धूप मिलते ही पीलिया व येलोरेस्ट नामक बीमारी चपेट में ले लेती है।
फोटो
धूप खिलने पर लोगों ने ली राहत की सांस
परगवाल। सीमा क्षेत्र परगवाल में रविवार को तेज धूप खिली। इससे लोगों ने राहत की सांस ली। रविवार का दिन होने के कारण इसमें लोगों का आनंद दोगुना हो गया। ज्यादातर लोग धूप सेंकते नजर आए। इससे पहले क्षेत्र में करीब पांच दिन से मूसलाधार बारिश जारी थी। बारिश रुकने पर किसानों ने खेतों का रुख कर गेहूं की फसल का मुआयना किया। किसानों ने कहा कि गेहूं की फसल को अब और बारिश की जरूरत नहीं है। बल्कि तेज धूप की दरकार है। वहीं बारिश रुकने पर किसान खुश दिखा। बाजारों में भी चहल-पहल रही। इससे दुकानदारों ने भी खुशी जताई। दुकानदारों का कहना था कि लगातार हुई बारिश से लोग घरों से निकल नहीं पाए थे, लेकिन मौसम साफ होने पर बाजारों में एक बार फिर रौनक लौटी ह।ै संवाद
धूप खिलने पर हर वर्ग ने ली राहत की सांस
विजयपुर। कुछ दिन से हो रही बारिश के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया था। रविवार को खिली धूप से लोगों ने राहत की सांस ली। धूप खिलने के बाद बाजारों में भी रौनक देखी गई। दुकानदारों के चेहरों में भी मुस्कुराहट थी। जबकि बारिश के कारण मंदी का दौर शुरू हो गया था। धूप खिलने से हर वर्ग ने राहत की सांस ली। संवाद
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मौसम में आए बदलाव के बीच पांच दिन से उपजिले में कड़ाके की ठंड थी। रविवार को इसमें जरूर कमी नजर आई। शनिवार को अधिकतम तापमान लुढ़क कर 14.5 डिग्री पहुंच गया। कंपकंपी बढ़ने के कारण घरों के अंदर भी लोग ठंड से कराहते रहे। रविवार को भी अधिकतम तापमान 14.5 पांच पर ही स्थिर रहा। न्यूनतम तापमान नौ डिग्री दर्ज किया गया। शाम होते ही सर्दी का सितम फिर शुरू हो गया। ठंड के कारण कामगारों के साथ ही आमलोगों की मुश्किलें भी बढ़ गईं। हालांकि दो दिन की अपेक्षा रविवार को छुट्टी का दिन होने के बावजूद सड़कों पर लोगों की आवाजाही अपेक्षाकृत ज्यादा रही।
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ठंड बढ़ने के कारण गर्म कपड़े की मांग काफी बढ़ गई है। दुकानों में गर्म कपड़े की खरीदारी के लिए लोगों की आवाजाही लगातार बनी रही। चौक-चौराहे पर भी लोग गरम कपड़े की खरीदारी करते दिखाई दिए। मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार सोमवार को धूप निकलने की संभावना है। तापमान में भी हल्की वृद्धि होने उम्मीद है। ऐसे में ठंड से कुछ राहत मिल सकती है। दूसरी ओर खेतों में जलभराव होने पर बारिश बंद होने पर किसान खेतों में कार्य करते हुए नजर आए।
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किसान खजान चंद ने कहा कि इस समय बारिश की जरूरत थी। खुश्क सर्दी से कई प्रकार की बीमारियों से भी छुटकारा मिला और जमीन में नमी होने पर लगाई गेहूं व सब्जियों के लिए बेहतर बताया।
पांच दिन बाद निकली धूप
किसानों सहित लोगों ने ली राहत की सांस
अरनिया। बीते मंगलवार से जारी बारिश से त्रस्त लोगों को रविवार को राहत मिल गई। वहीं फसल को लेकर चिंता में डूबे किसानों के चेहरों पर भी रौनक देखी गई। रविवार सुबह उठते ही सूर्य की पहली किरण ने लोगों का स्वागत किया और एक दो घंटे बाद ही सर्दी से बचने के लिए लोगों ने घरों की छत पर बैठना शुरू कर दिया।
इसके अलावा बीते पांच दिन से बारिश में भीग चुके कपड़ों को भी धूप में डाला गया। दूसरी ओर किसानों के अनुसार गेहूं फसल के नुकसान का अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। दो-तीन दिन तक खिली धूप रहने के बाद ही पता चल पाएगा, क्योंकि आमतौर पर डूबने के बाद गेहूं फसल को धूप मिलते ही पीलिया व येलोरेस्ट नामक बीमारी चपेट में ले लेती है।
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धूप खिलने पर लोगों ने ली राहत की सांस
परगवाल। सीमा क्षेत्र परगवाल में रविवार को तेज धूप खिली। इससे लोगों ने राहत की सांस ली। रविवार का दिन होने के कारण इसमें लोगों का आनंद दोगुना हो गया। ज्यादातर लोग धूप सेंकते नजर आए। इससे पहले क्षेत्र में करीब पांच दिन से मूसलाधार बारिश जारी थी। बारिश रुकने पर किसानों ने खेतों का रुख कर गेहूं की फसल का मुआयना किया। किसानों ने कहा कि गेहूं की फसल को अब और बारिश की जरूरत नहीं है। बल्कि तेज धूप की दरकार है। वहीं बारिश रुकने पर किसान खुश दिखा। बाजारों में भी चहल-पहल रही। इससे दुकानदारों ने भी खुशी जताई। दुकानदारों का कहना था कि लगातार हुई बारिश से लोग घरों से निकल नहीं पाए थे, लेकिन मौसम साफ होने पर बाजारों में एक बार फिर रौनक लौटी ह।ै संवाद
धूप खिलने पर हर वर्ग ने ली राहत की सांस
विजयपुर। कुछ दिन से हो रही बारिश के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया था। रविवार को खिली धूप से लोगों ने राहत की सांस ली। धूप खिलने के बाद बाजारों में भी रौनक देखी गई। दुकानदारों के चेहरों में भी मुस्कुराहट थी। जबकि बारिश के कारण मंदी का दौर शुरू हो गया था। धूप खिलने से हर वर्ग ने राहत की सांस ली। संवाद