{"_id":"08a1ecff572f5cb582186e7994f0b941","slug":"weather-pattern-is-not-normal-in-jk-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"JK में मौसम का मिजाज सामान्य नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
JK में मौसम का मिजाज सामान्य नहीं
ब्यूरो/ अमर उजाला, जम्मू
Updated Sat, 09 Jan 2016 09:49 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रियासत सहित उत्तर भारत में मौसम का मिजाज सामान्य नहीं है। खासकर जम्मू कश्मीर में बर्फबारी और बारिश के सीजन की शुरुआत सामान्य ढर्रे पर नहीं है। पश्चिमी विक्षोभ की वजह से रियासत का मौसम जनवरी से मार्च तक विंटर रेंस के लिए जाना जाता है। लेकिन बीते वर्ष की तरह ही इस बार भी विंटर रेंस सीजन की शुरुआत धीमी हुई है।
विज्ञापन
मौसम विभाग के अनुसार अगले दस दिनों तक पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव बनने के आसार बेहद कम है जिससे ठिठुरन का अहसास गायब रह सकता है। इस साल जनवरी में अब तक राज्य में महज 11 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है।
विज्ञापन
विंटर रेंस सीजन की धीमी शुरुआत वाले सीजन का रिकॉर्ड देखें तो जनवरी 1986 में 9 एमएम, जनवरी 2007 में 8 एमएम और जनवरी 2015 में 6 एमएम बारिश का पैमाना रिकॉर्ड किया गया था।
विज्ञापन
इस साल की शुरुआत भी प्रभावित है लेकिन असाधारण परिस्थितियों वाले बीते वर्ष की तुलना में हालात बेहतर हैं। इस साल जनवरी में अब तक 11 एमएम की बारिश दर्ज की जा चुकी है।
मौसम विभाग के निदेशक सोनम लोटस के अनुसार जम्मू कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने से जनवरी, फरवरी और मार्च महीने में बारिश और बर्फबारी होती है।
इस बार चूंकि पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव नहीं बन पा रहा है इसकी वजह से मौसम अपनी रूटीन में नहीं है। इसके बावजूद वर्तमान सीजन बीते वर्ष की तुलना में अपने सामान्य क्रम के नजदीक है।