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Jammu News: अनंतनाग लोस सीट से पीछे हटी भाजपा
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कश्मीर केंद्रित किसी दल को दे सकती है समर्थन, कश्मीर की दो सीटों पर भी प्रत्याशी नहीं उतारना संभव
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। अनंतनाग-राजोरी संसदीय सीट पर शुक्रवार को नामांकन भरने के आखिरी दिन भी भाजपा की ओर से किसी प्रत्याशी का दावा नहीं किया गया। इस सीट पर पीछे हटने के साथ भाजपा ने कश्मीर की दो अन्य सीटों पर भी अपना प्रत्याशी खड़ा नहीं करने के संकेत दे दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, अनंतनाग सीट पर कश्मीर केंद्रित एक दल को भाजपा समर्थन दे सकती है। डीपीएपी के प्रमुख मंत्री गुलाम नबी आजाद के भी इस सीट से पीछे हटने से पहले ही समीकरण बदल गए थे।
जम्मू में हाल ही में एक चुनावी सभा में गृहमंत्री अमित शाह ने संकेत दिए थे कि वे कश्मीर आधारित सीटों पर प्रत्याशी खड़ा नहीं करेंगे। उन्होंने कहा था कि हमें कोई जल्दी नहीं, जब कश्मीर के लोगों का दिल करेगा, तभी कश्मीर में कमल खिलेगा। हालांकि सूत्रों के अनुसार अनंतनाग सीट के लिए पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने दावेदारी पेश की थी, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व ने मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए प्रत्याशी नहीं उतारा है। सूत्रों के अनुसार, कश्मीर केंद्रित किसी प्रमुख दल को समर्थन देकर जीत की सूरत में उन्हें अपने साथ मिला सकती है, जिससे जम्मू और उधमपुर की सीट आने की सूरत में जम्मू-कश्मीर में भाजपा का जीत का आंकड़ा तीन तक पहुंच सकता है। हालांकि यह चुनावी नतीजों के बाद ही साफ होगा। इसी तरह कश्मीर की श्रीनगर और बारामुला सीट पर भी भाजपा कश्मीर केंद्रित अपने समर्थक दल को समर्थन दे सकती है। अनंतनाग सीट से नेकां को छोड़कर अगर कोई दूसरा दल जीत पाता है तो उसे भाजपा की ओर से केंद्र में बेहतर मौका दिया जा सकता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। अनंतनाग-राजोरी संसदीय सीट पर शुक्रवार को नामांकन भरने के आखिरी दिन भी भाजपा की ओर से किसी प्रत्याशी का दावा नहीं किया गया। इस सीट पर पीछे हटने के साथ भाजपा ने कश्मीर की दो अन्य सीटों पर भी अपना प्रत्याशी खड़ा नहीं करने के संकेत दे दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, अनंतनाग सीट पर कश्मीर केंद्रित एक दल को भाजपा समर्थन दे सकती है। डीपीएपी के प्रमुख मंत्री गुलाम नबी आजाद के भी इस सीट से पीछे हटने से पहले ही समीकरण बदल गए थे।
जम्मू में हाल ही में एक चुनावी सभा में गृहमंत्री अमित शाह ने संकेत दिए थे कि वे कश्मीर आधारित सीटों पर प्रत्याशी खड़ा नहीं करेंगे। उन्होंने कहा था कि हमें कोई जल्दी नहीं, जब कश्मीर के लोगों का दिल करेगा, तभी कश्मीर में कमल खिलेगा। हालांकि सूत्रों के अनुसार अनंतनाग सीट के लिए पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने दावेदारी पेश की थी, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व ने मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए प्रत्याशी नहीं उतारा है। सूत्रों के अनुसार, कश्मीर केंद्रित किसी प्रमुख दल को समर्थन देकर जीत की सूरत में उन्हें अपने साथ मिला सकती है, जिससे जम्मू और उधमपुर की सीट आने की सूरत में जम्मू-कश्मीर में भाजपा का जीत का आंकड़ा तीन तक पहुंच सकता है। हालांकि यह चुनावी नतीजों के बाद ही साफ होगा। इसी तरह कश्मीर की श्रीनगर और बारामुला सीट पर भी भाजपा कश्मीर केंद्रित अपने समर्थक दल को समर्थन दे सकती है। अनंतनाग सीट से नेकां को छोड़कर अगर कोई दूसरा दल जीत पाता है तो उसे भाजपा की ओर से केंद्र में बेहतर मौका दिया जा सकता है।
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