{"_id":"68b36b92f461ee4d37015156","slug":"weather-news-jammu-news-c-10-1-jmu1054-699709-2025-08-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: जम्मू-कश्मीर के रियासी में भूस्खलन, रामबन में बादल फटा, 11 की मौत, एक लापता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: जम्मू-कश्मीर के रियासी में भूस्खलन, रामबन में बादल फटा, 11 की मौत, एक लापता
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
=======
मृतकों में दंपती और उनके पांच बच्चे भी शामिल, कच्चे मकान में सो रहे थे सभी
केंद्रीय राज्यमंत्री, उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री ने दोनों घटनाओं पर दुख जताया
संवाद न्यूज एजेंसी
रामबन/रियासी: जम्मू-कश्मीर में रियासी जिले के बद्दर गांव में शनिवार सुबह भूस्खलन से एक ही परिवार के सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों में पति-पत्नी और उनके पांच बेटे शामिल हैं जिनकी उम्र पांच से 13 वर्ष के बीच थी। वहीं, रामबन जिले के राजगढ़ में शुक्रवार की रात में बादल फटने से चार लोगों की मौत हो गई। एक लापता है। सभी मृतकों के शव मिल गए हैं। अचानक से हुए हादसों में किसी को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।
पीएमओ में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटनाओं पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री ने लोगों से सतर्क रहने, संवेदनशील इलाकों से बचने और सुरक्षा संबंधी सलाह का सख्ती से पालन करने की अपील की है। बता दें कि जम्मू-कश्मीर में 14 अगस्त के बाद प्राकृतिक आपदाओं में 130 लोगों की मौत हो चुकी है। इन आपदाओं में 140 लोग घायल हुए और 32 अब तक लापता हैं।
रियासी आपदा : बद्दर गांव रियासी जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर और माहौर तहसील से 50 किलोमीटर दूर है। इस क्षेत्र में शुक्रवार को शाम को भारी मूसलाधार बारिश हुई थी। अधिकारियों ने बताया कि गांव के वार्ड नंबर दो निवासी नजीर अहमद और उनका परिवार कच्चे मकान में सो रहा था। मकान ढलान पर था। शनिवार को तड़के ऊपर की पहाड़ी पर भूस्खलन हुआ। इससे भारी मात्रा में पत्थर और मलबा मकान पर आ गिरा जिसमें वह जिंदा दफन हो गए।
विज्ञापन
एक स्थानीय निवासी के अनुसार भूस्खलन के बारे में गांव के किसी भी सदस्य को पता नहीं चला। नजीर का पूरा परिवार मलबे में दब गया। सुबह जब लोगों को इसकी खबर मिली तो राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। मलबे और पत्थरों को हटाया तो सात शव मिले। घटना का पता चलने के बाद प्रशासन व पुलिस भी गांव में पहुंची।
रियासी हादसे में इनकी जान गई :
नजीर अहमद (38) और उनकी पत्नी वजीरा बेगम (35) के अलावा उनके बेटे बिलाल अहमद (13), मोहम्मद मुस्तफा (11), मोहम्मद आदिल (8), मोहम्मद मुबारक (6) और मोहम्मद वसीम (5) की भूस्खलन में जान गई है।
रामबन हादसा : रामबन जिले में शुक्रवार रात लगभग 11:30 बजे जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित पहाड़ी क्षेत्र राजगढ़ के गाडीग्रान कुमाटे गांव में बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई। इसमें दो भाइयों समेत चार लोगों की मौत हो गई। एक लापता है। इस घटना में दो घर और एक स्कूल बह गए।
घटनास्थल पर पहुंचे रामबन के उपायुक्त मोहम्मद अलयास खान ने बताया कि स्थानीय स्वयंसेवकों, पुलिस और एसडीआरएफ सहित बचावकर्मियों ने मलबे के नीचे से चार लोगों के शव बरामद किए। मृतकों में अश्विनी शर्मा (27) उनके भाई द्वारका नाथ (59), भतीजी वीरता देवी (29) और उनके घर आए मेहमान ओम राज (42) शामिल हैं। ओम राज राजगढ़ तहसील के बंशारा निवासी थे। अश्विनी शर्मा की भाभी विद्या देवी (50) लापता हैं।
स्थानीय निवासी अजय कुमार ने बताया कि पहाड़ी पर स्थित प्राथमिक विद्यालय के पास बादल फटा था। इससे गांव में बाढ़ आई जिससे दो मकान, एक गौशाला और स्कूल भवन बह गए। वहीं, जिला उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है।
-- --
विज्ञापन
मृतकों में दंपती और उनके पांच बच्चे भी शामिल, कच्चे मकान में सो रहे थे सभी
केंद्रीय राज्यमंत्री, उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री ने दोनों घटनाओं पर दुख जताया
संवाद न्यूज एजेंसी
रामबन/रियासी: जम्मू-कश्मीर में रियासी जिले के बद्दर गांव में शनिवार सुबह भूस्खलन से एक ही परिवार के सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों में पति-पत्नी और उनके पांच बेटे शामिल हैं जिनकी उम्र पांच से 13 वर्ष के बीच थी। वहीं, रामबन जिले के राजगढ़ में शुक्रवार की रात में बादल फटने से चार लोगों की मौत हो गई। एक लापता है। सभी मृतकों के शव मिल गए हैं। अचानक से हुए हादसों में किसी को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।
पीएमओ में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटनाओं पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री ने लोगों से सतर्क रहने, संवेदनशील इलाकों से बचने और सुरक्षा संबंधी सलाह का सख्ती से पालन करने की अपील की है। बता दें कि जम्मू-कश्मीर में 14 अगस्त के बाद प्राकृतिक आपदाओं में 130 लोगों की मौत हो चुकी है। इन आपदाओं में 140 लोग घायल हुए और 32 अब तक लापता हैं।
विज्ञापन
रियासी आपदा : बद्दर गांव रियासी जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर और माहौर तहसील से 50 किलोमीटर दूर है। इस क्षेत्र में शुक्रवार को शाम को भारी मूसलाधार बारिश हुई थी। अधिकारियों ने बताया कि गांव के वार्ड नंबर दो निवासी नजीर अहमद और उनका परिवार कच्चे मकान में सो रहा था। मकान ढलान पर था। शनिवार को तड़के ऊपर की पहाड़ी पर भूस्खलन हुआ। इससे भारी मात्रा में पत्थर और मलबा मकान पर आ गिरा जिसमें वह जिंदा दफन हो गए।
विज्ञापन
एक स्थानीय निवासी के अनुसार भूस्खलन के बारे में गांव के किसी भी सदस्य को पता नहीं चला। नजीर का पूरा परिवार मलबे में दब गया। सुबह जब लोगों को इसकी खबर मिली तो राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। मलबे और पत्थरों को हटाया तो सात शव मिले। घटना का पता चलने के बाद प्रशासन व पुलिस भी गांव में पहुंची।
रियासी हादसे में इनकी जान गई :
नजीर अहमद (38) और उनकी पत्नी वजीरा बेगम (35) के अलावा उनके बेटे बिलाल अहमद (13), मोहम्मद मुस्तफा (11), मोहम्मद आदिल (8), मोहम्मद मुबारक (6) और मोहम्मद वसीम (5) की भूस्खलन में जान गई है।
रामबन हादसा : रामबन जिले में शुक्रवार रात लगभग 11:30 बजे जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित पहाड़ी क्षेत्र राजगढ़ के गाडीग्रान कुमाटे गांव में बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई। इसमें दो भाइयों समेत चार लोगों की मौत हो गई। एक लापता है। इस घटना में दो घर और एक स्कूल बह गए।
घटनास्थल पर पहुंचे रामबन के उपायुक्त मोहम्मद अलयास खान ने बताया कि स्थानीय स्वयंसेवकों, पुलिस और एसडीआरएफ सहित बचावकर्मियों ने मलबे के नीचे से चार लोगों के शव बरामद किए। मृतकों में अश्विनी शर्मा (27) उनके भाई द्वारका नाथ (59), भतीजी वीरता देवी (29) और उनके घर आए मेहमान ओम राज (42) शामिल हैं। ओम राज राजगढ़ तहसील के बंशारा निवासी थे। अश्विनी शर्मा की भाभी विद्या देवी (50) लापता हैं।
स्थानीय निवासी अजय कुमार ने बताया कि पहाड़ी पर स्थित प्राथमिक विद्यालय के पास बादल फटा था। इससे गांव में बाढ़ आई जिससे दो मकान, एक गौशाला और स्कूल भवन बह गए। वहीं, जिला उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है।