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काम पूरा होने तक न तो सफाई होगी, न पानी छोड़ने दिया जाएगा

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दोमाना। गोल गुजराल नहर को पक्का करने का कार्य चार साल बाद भी अधूरा है, जिस करण अब किसानों का सरकार और संबंधित विभाग के खिलाफ रोष बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को गोल गुजराल के सरंपच ने सफाई कार्य बंद करवा कर नौ अप्रैल को प्रदर्शन की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि काम पूरा होने तक न तो सफाई होगी और न ही पानी छोड़ने दिया जाएगा। क्योंकि विभाग और ठेकेदार की कार्यप्रणाली के चलते किसान परेशान हैं।
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स्थानीय निवासी एवं सरपंच प्रीतपाल सिंह राजू, नायब सरपंच कुलदीप सिंह, पंच सुरेंद्र सिंह, अमृतपाल सिंह, कुलबीर सिंह, रमनदीप सिंह और पृथीपाल सिंह आदि ने बताया कि चार साल पहले नहर को पक्का करने का काम रूरल-अरबन मिशन के तहत शुरू हुआ था। इस पर 1. 89 करोड़ की राशि खर्च की जानी थी। लेकिन जिस ठेकेदार ने नहर को पक्का करने का काम को शुरू किया था उसने इसे बीच में ही छोड़ दिया। चार साल बाद भी कार्य ठंडे बस्ते में है। हर बार नहर के बंद होने पर ठेकेदार कुछ कार्य करवा कर फिर बंद करवा देता है। इस संबंध में सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कई बार शिकायतें कीं, लेकिन आजतक ठेकेदार पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। अब जब तक नहर की मरम्मत और पक्का नहीं किया जाता तब तक सफाई और पानी छोड़ने नहीं दिया जाएगा।
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छह पंचायतों के किसान हैं नहर पर निर्भर
सरपंच ने कहा कि तालाब तिल्लो से आने वाली इस नहर का पानी छह पंचायतों के किसानों के खेतों की सिंचाई में इस्तेमाल होता है। इनमें गोल गुजराल, रंजीतपुर, सारी, पौनी चक, त्रिलोकपुर, भद्ररोड शामिल हैं। इन पंचायत के 20 से अधिक गांवों के सैकड़ों किसान नहर पर निर्भर हैं।
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भरपूर पानी नहीं मिलने से किसान परेशान
किसानों का कहना है कि नहर को पक्का और समय पर मरम्मत करने से भरपूर पानी मिलना है, लेकिन विभाग सुध नहीं ले रहा है। ठेकेदार के मनमाने रवैये से किसानों को सिंचाई के लिए उचित पानी नहीं मिलता है। इन दिनों खेतों में सब्जियों और हरे चारे के लिए पानी की सख्त जरूरत है। लेकिन बिना सफाई के अगर पानी छोड़ा जाता है तो भी खेतों तक उचित मात्रा में नहीं पहुंचेगा।

अभी किसानों को पानी की जरूरत है। नहर को पक्का करने के लिए काफी समय चाहिए। इस कारण नहरों को ज्यादा सयम तक बंद नहीं रख सकते हैं। क्योंकि इससे किसानों को बहुत नुकसान उठाना पड़ सकता है। अगर बीच में समय मिला तो नहर को बंद करके अधूरे काम को पूरा करवा दिया जाएगा।
- एफआर भगत, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
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