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J&K: शपथ ग्रहण को शुभ मुहूर्त का इंतजार

Thu, 31 Mar 2016 10:21 AM IST
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर Updated Thu, 31 Mar 2016 10:21 AM IST
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Waiting for the auspicious moment of swearing
महबूबा मुफ्ती - फोटो : अमर उजाला
सरकार गठन के लिए कौन सा शुभ मुहूर्त है? क्या कृष्ण पक्ष के गुजरने का इंतजार हो रहा? सूत्रों की मानें तो जम्मू-कश्मीर में भाजपा और पीडीपी सरकार गठन के लिए शपथ ग्रहण में देरी का यह एक मुख्य कारण है। 
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हिंदू धार्मिक विद्वानों की मानें तो नवरात्र के पहले दिन से कार्यों को शुरू शुभ माना जाता है। विद्वान पंडित अजय कुमार शुक्ल के अनुसार कर्मास को अशुभ माना जाता है और इस दौरान कोई अच्छा काम नहीं किया जाता। न ही नया कार्यभार संभाला जाता है।
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उनके अनुसार कृष्ण पक्ष (कर्मास) 15 दिन की अवधि का होता है और पूर्णिमा के दिन शुरू होता है और नया चांद के मौके पर समाप्त होता है। उन्होंने यह भी बताया कि पहली नवरात्र से शुभ समय शुरू होता है और किसी भी अच्छे कार्य के लिए यह दिन सही होता है।
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पंडित अजय कुमार शुक्ल का मानना है कि हो सकता है सही मुहूर्त का इंतज़ार सरकार गठन के लिए हो रहा हो। उनके अनुसार अगर यही कारण है तो पहली नवरात्र यानी आठ अप्रैल के बाद कभी भी शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है। गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री उमर ने भी चुटकी लेते हुए कहा था कि शुभ मुहूर्त निकलने पर महबूबा शपथ लेंगी। 
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