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कठुआ कांड: जानिए सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के वक्त कहां था सात आरोपियों में बरी होने वाला विशाल

Tue, 11 Jun 2019 01:19 AM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: Pranjal Dixit Updated Tue, 11 Jun 2019 01:19 AM IST
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vishal jangotra accused in kathua gang rape and murder case found not guilty in court
विशाल जंगोत्रा - फोटो : अमर उजाला
कठुआ कांड के एक आरोपी विशाल के बरी होने से सीसीएसयू की छवि भी दागदार होने से बच गई। आठ साल की बच्ची की हत्या के मामले में आरोपी बनाए गए छात्र विशाल जंगोत्रा की परीक्षाएं किसी ओर ने नहीं, बल्कि उसी ने दी थीं। जम्मू एसआईटी द्वारा कोई पुख्ता सुबूत पेश नहीं किए जाने कारण ही कोर्ट ने सुबूतों के अभाव में विशाल को बरी किया। विशाल के बरी होने के साथ चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी पर लगाए गए आरोप भी गलत साबित हुए, जो एसआईटी ने चार्जशीट में पेश किए थे। आरोप थे कि यहां कोई भी किसी की परीक्षा दे देता है, किसी की भी कॉपी के नंबर बदल जाते हैं। 
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जम्मू के कठुआ में 10 जनवरी 2018 को आठ साल की बच्ची का अपहरण करने के बाद हत्या कर दी गई थी। इस मामले में जम्मू पुलिस ने सांझीराम, उसके नाबालिग भतीजे और दो अन्य को गैंगरेप और हत्या के मामले में गिरफ्तार किया था। पुलिस ने सांझीराम के बेटे विशाल जंगोत्रा के भी रेप-हत्या में शामिल होने की बात कहते हुए 17 मार्च 2018 को गिरफ्तार कर लिया था। विशाल मुजफ्फरनगर के मीरापुर में रहकर आकांक्षा कॉलेज से बीएससी एजी प्रथम वर्ष कर रहा था। उसकी नौ जनवरी से खतौली के केके जैन डिग्री कॉलेज में परीक्षाएं चल रही थीं। उसने बताया था कि वह वारदात के वक्त पेपर दे रहा था। 
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इस मामले में एसआईटी ने दावा किया था कि विशाल 11 जनवरी की शाम मीरापुर से जम्मू गया और वारदात को अंजाम दिया। खुद को बचाने के लिए उसने अपनी जगह 12 जनवरी को किसी दूसरे युवक से परीक्षा दिला दी। इस मामले में जम्मू एसआईटी ने सीसीएसयू कैंपस, मीरापुर (बिजनौर) के आकांक्षा कॉलेज और खतौली के केके जैन इंटर कॉलेज से सुबूत जुटाए थे। विशाल की सारी कॉपियां, उपस्थिति पत्र, सीसीटीवी फुटेज समेत तमाम दस्तावेज एकत्र किए थे। 
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पड़ताल में साबित हुआ था विशाल ने ही दीं परीक्षाएं 
चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी में मौजूद विशाल जंगोत्रा की बीएससी एजी प्रथम वर्ष की कॉपियों की फोटोस्टेट से चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई थीं। एक तरफ जहां जम्मू एसआईटी ने चार्जशीट में सीसीएसयू पर भी सवाल उठा दिए थे, कि वहां किसी की भी परीक्षा कोई भी दे सकता है। वहीं दूसरी ओर मौजूद सुबूत बता रहे थे कि विशाल घटना के वक्त यहीं पर था। यूनिवर्सिटी ने बीएससी एजी का जो रिजल्ट जारी किया था, उसके मुताबिक विशाल ने नौ जनवरी 2018, 12 जनवरी, 15 जनवरी और 29 जनवरी तक की सभी नौ परीक्षाएं दी थीं। हालांकि विशाल फेल हो गया था। विशाल ने सारी परीक्षाएं हिंदी माध्यम से दी थीं। उसकी सारी कॉपियों में एक ही हैंडराइटिंग मिली थी। हस्ताक्षर उसने उपस्थिति पत्र और कॉपियों में अंग्रेजी में किए थे। ये हस्ताक्षर भी एक से ही थे। इससे साफ हो गया था कि सारी परीक्षाएं विशाल ने दीं, तो वह घटना के वक्त जम्मू में कैसे हो सकता था। विशाल की सभी कॉपियों में एक ही हैंडराइटिंग और उसके हस्ताक्षर एक होने की जानकारी अमर उजाला ने 22 अप्रैल 2018 को प्रकाशित की थी। 

सीसीएसयू के दो कर्मचारियों समेत पांच लोगों के हुए बयान 
इस प्रकरण में सीसीएसयू के दो कर्मचारियों इंजीनियर शरद कुमार और अरशद के बयान हुए। इसके अलावा मीरापुर बिजनौर में विशाल जिस मकान में रहा था, उसकी मालकिन सुमन शर्मा, केके जैन डिग्री कॉलेज खतौली के प्राचार्य अरविंद कुमार और आकांक्षा कॉलेज मीरापुर के चेयरमैन आरपी सिंह के बयान दर्ज हुए। सुमन शर्मा ने 16 जनवरी को उनकी पौत्री आस्था शर्मा के बर्थडे के फोटो भी दिए, जिनमें विशाल मौजूद था। मीरापुर के एटीएम से विशाल के कैश निकालने की फुटेज और बैंक रिकॉर्ड की डिटेल भी उसकी बेगुनाही का सबूत बनीं। एसआईटी ने यह भी कहा था कि वारदात के बाद विशाल शालीमार एक्सप्रेस से मेरठ पहुंचा और खतौली में परीक्षा दे दी। जबकि उस दिन शालीमार एक्सप्रेस लेट थी। 

फर्जी बयान के लिए बनाया गया दबाव 
कठुआ हत्याकांड में कोर्ट का फैसला आने के बाद मीरापुर के आकांक्षा कॉलेज के चेयरमैन आरपी सिंह ने बताया कि विशाल को फर्जी तरीके से फंसाने के लिए एसआईटी ने संस्थान प्रबंधन को कई बार दबाव में लिया। उन्हें भी केस में पठानकोट कोर्ट से दो बार अंतरिम बेल करानी पड़ी। तत्कालीन प्राचार्य मंजीत सिंह से एसआईटी ने बंद कमरे में तीन-तीन घंटे पूछताछ की। विशाल ने परीक्षा के दौरान आकांक्षा कॉलेज में ही 14 जनवरी को प्रयोगात्मक परीक्षा भी दी थी। घटना के बाद जम्मू के तीन अन्य छात्र सचिन शर्मा, नीरज और साहिल शर्मा भी खौफ में जम्मू चले गए थे। आरपी सिंह ने कहा कि विशाल यदि आगे बीएससी कृषि की पढ़ाई करना चाहेगा, तो वह उसे एडमिशन देंगे। 

यहां भी चल रही है जांच 
सीसीएसयू में भी विशाल जंगोत्रा की परीक्षा को लेकर जांच समिति बनाई गई थी। इस समिति में डिप्टी रजिस्ट्रार बीपी कौशल, प्रोफेसर प्रो. मृदुल गुप्ता और प्रो. दीनानाथ को शामिल किया गया था। कोर्ट में मामला होने के कारण जांच आगे नहीं बढ़ पाई।
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