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Jammu Kashmir: शेर-ए-कश्मीर पुलिस अकादमी में ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ पर वर्टिकल इंटरेक्शन कोर्स शुरू
Fri, 11 Nov 2022 02:51 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Fri, 11 Nov 2022 02:51 PM IST
सार
पाठ्यक्रम के विषय की परिकल्पना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में गुवाहाटी में राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुखों के सम्मेलन में की थी। तब से हर साल के डीजीपी और आईजीपी सम्मेलन में इस विषय की समीक्षा की जा रही है।
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जम्मू-कश्मीर पुलिस
- फोटो : PTI (File Photo)
विस्तार
शेर-ए-कश्मीर पुलिस अकादमी में ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ पर तीन दिवसीय वर्टिकल इंटरेक्शन कोर्स शुरू हुआ। इसमें डीएसपी से लेकर एसएसपी तक के 31 पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया। उद्घाटन सत्र में एडीजीपी एवं अकादमी निदेशक गरीब दास मुख्य अतिथि थे। शुरुआत में अकादमी के उपनिदेशक प्रशिक्षण एसएसपी मोहन लाल ने मुख्यातिथि व प्रतिभागियों का स्वागत किया।
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उन्होंने बताया कि पाठ्यक्रम के विषय की परिकल्पना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में गुवाहाटी में राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुखों के सम्मेलन में की थी। तब से हर साल के डीजीपी और आईजीपी सम्मेलन में इस विषय की समीक्षा की जा रही है।
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वहीं अपने उद्घाटन भाषण में अकादमी के निदेशक, एडीजीपी गरीब दास ने अतिथि वक्ता गुलजार सिंह सलाथिया (पूर्व आईजीपी) व अन्य प्रतिभागियों का स्वागत किया और पाठ्यक्रम के विषय को संक्षिप्त रूप से समझाया। उन्होंने कहा कि वर्चुअल स्पेस में अपराध बढ़ रहा है। आज की मांग है कि कानून लागू करने वाली एजेंसियों को तकनीकी जानकार होना चाहिए। भारत में 67 करोड़ नेटवर्क उपयोगकर्ता हैं और कुछ वर्षों में यह संख्या 99 करोड़ तक पहुंच जाएगी, जो हमें नेटवर्क गतिविधियों के प्रवाह का उचित विचार देती है।
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जाहिर है साइबर स्पेस में अपराध के दुनिया भर में ऐसे कई हैकर हैं, जो हवाई यातायात नियंत्रण, रेलवे संचालन, विद्युत ग्रिड, रक्षा उपकरण और कई अन्य प्रणालियों को हैक करने में सक्षम हैं। एडीजीपी गरीब दास ने आगाह किया कि अगर हम तेजी से बदलती तकनीक को नहीं पकड़ते हैं तो अपराधी और दुश्मन के एजेंट स्थिति पर पूरी तरह से काबू पा लेंगे। उन्होंने आतंकवाद, नार्को आतंकवाद, सॉफ्ट स्किल्स, कमजोर समूहों की महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों, खुफिया संग्रह के महत्व आदि से आंतरिक सुरक्षा खतरों और जम्मू-कश्मीर पुलिस के सदस्यों की क्षमता निर्माण पर जोर दिया।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि कार्यक्रम से प्रतिभागियों के ज्ञान में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने लोगों को सहकर्मी समूहों को विकसित करने की सलाह दी। पाठ्यक्रम का संचालन डीडी आउटडोर प्रशिक्षण एसपी पवन कुमार शर्मा और डीएसपी, एडी (क्यू) सनमती गुप्ता की ओर से किया गया।