जम्मू-कश्मीर: हाईवे बंद होने पर हवाई मार्ग से घाटी जाएंगी सब्जियों व खाद्य सामग्री, प्रशासन ने तैयार किया खाका
जम्मू-कश्मीर हाईवे पर भूस्खलन होने पर यातायात ठप हो जाता है। इससे बड़ी संख्या में मालवाहक ट्रक फंस जाते हें जिससे श्रीनगर में दूध, सब्जियों सहित अन्य खाने-पीने के जरूरी सामान की आपूर्ति ठप हो जाती है।
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जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग रामबन में भूस्खलन के चलते अकसर बंद हो जाता है, जिससे ट्रक कई दिनों तक फंसे रहते हैं। इससे कश्मीर घाटी में खाद्य सामग्री और सब्जियों की कमी हो जाती है। यूटी प्रशासन ने ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए कश्मीर घाटी में सब्जियों सहित अन्य जरूरी खाद्य सामग्री को हवाई मार्ग से पहुंचाने का खाका तैयार किया है।
इससे हाईवे बंद होने की सूरत में आम लोगों को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। जम्मू-कश्मीर में बारिश ही नहीं गर्मी के मौसम में भी भूस्खलन होने पर जम्मू-श्रीनगर हाईवे हो जाता है। ऐसे में कई स्थानों पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इसमें बड़ी संख्या में मालवाहक ट्रक फंस जाते हैं।
कई दिनों तक घाटी में दूध, सब्जियों सहित अन्य खाने-पीने के जरूरी सामान की आपूर्ति ठप हो जाती है। बाजारों में पहले से मौजूद मीट जैसे अधिकांश खाद्य पदार्थ एक-दो दिन में खराब हो जाते हैं। यूटी प्रशासन ऐसी दिक्कतों से निपटने के लिए कारगर योजना बना रहा है।
सबसे अधिक है चिकन की खपत
खाद्य विभाग की मानें तो कश्मीर में अन्य राज्यों से प्रतिदिन 50 हजार मुर्गे लाए जाते हैं। इसके अलावा ड्रेस्ड चिकन की भी काफी मात्रा में आपूर्ति होती है। श्रीनगर सहित यहां के अधिकांश जिला मुख्यालयों के बाजार अन्य राज्यों से लाई गई मछलियों से पटे रहते हैं। मछलियों को आइस बॉक्स में लाया जाता है। इसके अलावा सब्जियां, दूध और अन्य खाद्य पदार्थों भी प्रतिदिन बाहर से आपूर्ति होती है।
सरकार को आम लोगों की सेहत की चिंता है। विभाग हाईवे बंद होने की सूरत में हवाई मार्ग से खाद्य सामग्री श्रीनगर पहुंचाएगा। इससे लोगों को समय पर मीट, अंडे सहित ताजी सब्जियां उपलब्ध होंगी। वहीं, आगामी दिनों में आपूर्ति को बेहतर करने के लिए और कई महत्वपूर्ण कदम उठाएगा। - रियाज अहमद, निदेशक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता विभाग