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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Vande Bharat sped across the Chenab and Anji bridges at 100 kmph.

पहाड़ों के बीच रफ्तार का रोमांच: चिनाब-अंजी पुल पर 100 की रफ्तार से दौड़ी वंदे भारत, 75 से बढ़ी अधिकतम स्पीड

Sat, 03 Oct 2026 10:43 AM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: Nikita Gupta Updated Sat, 03 Oct 2026 10:43 AM IST
सार

कटड़ा-बनिहाल रेल सेक्शन पर वंदे भारत एक्सप्रेस ने चिनाब और अंजी पुल को 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पार कर नया गति परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। रेलवे ने इस 111 किमी लंबे सेक्शन पर ट्रेनों की अधिकतम अनुमत गति 75 से बढ़ाकर 100 किमी प्रति घंटा कर दी है।

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Vande Bharat sped across the Chenab and Anji bridges at 100 kmph.
वंदे भारत एक्सप्रेस - फोटो : संवाद

विस्तार

अब चिनाब की गहरी खाई और अंजी की ऊंची वादियों के बीच से गुजरती वंदे भारत की रफ्तार और तेज होगी। कटड़ा-बनिहाल रेल सेक्शन पर शुक्रवार को वंदे भारत एक्सप्रेस ने 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दुनिया के सबसे ऊंचे रेल पुल चिनाब और देश के पहले केबल-स्टेड रेल पुल अंजी को पार किया।

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इसके साथ ही 111 किलोमीटर लंबे कटड़ा-बनिहाल रेल सेक्शन पर ट्रेनों की अधिकतम अनुमत गति 75 से बढ़ाकर 100 किमी प्रति घंटा कर दी गई है। रेलवे के अनुसार, गति बढ़ाने का सफल परीक्षण किया गया। इसके लिए निर्धारित सभी सुरक्षा मानकों की जांच और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की गई थीं।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक उचित सिंघल के अनुसार, श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा-बनिहाल सेक्शन में अधिकतम अनुमत गति बढ़ाकर 100 किमी प्रति घंटा की गई है। रेलवे मंत्रालय ने अगस्त में गति बढ़ाने को मंजूरी दी थी।

कटड़ा-बनिहाल रेल लाइन पीर पंजाल और निचले हिमालय के बेहद दुर्गम भूभाग से होकर गुजरती है। गहरी घाटियां, खड़ी पहाड़ी ढलान, नदियां और जटिल भूगर्भीय संरचनाओं के बीच इस रेल लाइन का निर्माण किया गया है। 

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सेक्शन में 33 सुरंगें हैं। इसी रेलखंड पर चिनाब नदी के ऊपर दुनिया का सबसे ऊंचा रेल पुल और अंजी खड्ड पर देश का पहला केबल-स्टेड रेल पुल बनाया गया है। इन संरचनाओं के साथ लंबी सुरंगों और अत्याधुनिक रेल ढांचे के कारण कटड़ा-बनिहाल सेक्शन को यूएसबीआरएल परियोजना के सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सों में गिना जाता है।

पहले दो हिस्सों में अलग थी गति
कटड़ा-संगलदान सेक्शन पर पहले ट्रेनों को अधिकतम 85 किमी प्रति घंटा और संगलदान-बनिहाल सेक्शन पर 75 किमी प्रति घंटे की गति से चलने की अनुमति थी।

कटड़ा-बनिहाल सेक्शन की पर गति बढ़ने से कटड़ा व बनिहाल के बीच यात्रा का समय कम होगा। साथ ही ट्रेनों का परिचालन अधिक सुगम होगा और यात्रियों को तेज और आरामदायक सफर मिलेगा।

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