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वैष्णो देवी यात्रा: मकर संक्रांति को खुल सकती है प्राचीन गुफा, 15 हजार ने किए माता के दर्शन, हेलिकॉप्टर सेवा प्रभावित
Sun, 09 Jan 2022 07:33 PM IST
विमल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, कटड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कटड़ा
Published by: विमल शर्मा
Updated Sun, 09 Jan 2022 07:33 PM IST
सार
वैष्णो देवी यात्रा खराब मौसम के बाद भी लगातार जारी है। त्रिकुटा पर्वत पर धुंध छाए रहने के कारण हवाई सेवा ठप रही। इस बार प्राचीन गुफा मकर संक्रांति को खुलने के आसार हैं। कोरोना के कारण यह दो साल से बंद रखी गई है।
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बर्फबारी के बाद वैष्णो देवी भवन का नजारा।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
धर्मनगरी सहित भवन में रविवार दोपहर को कुछ देर के लिए सूर्यदेव के दर्शन हुए। इसके बाद लगातार बादल छाए रहे, और बूंदाबांदी होती रही। दोपहर बाद त्रिकुटा पर्वत पर धुंध छाई। इससे हेलिकॉप्टर सेवा प्रभावित हुई। हालांकि, यात्रा पर कोई असर नहीं पड़ा था।
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दोपहर तक मौसम साफ रहने पर यात्री भवन की ओर प्रस्थान करते देखे गये। त्रिकुटा पर्वत पर धुंध रहने के कारण कुछ उड़ानों के बाद हेलिकॉप्टर सेवा भी प्रभावित रही। दोपहर बाद हेलिकॉप्टर की ऑनलाइन बुकिंग करवा चुके भक्त पैदल और घोडे़ से यात्रा करने को मजबूर हुए। हालांकि, भैरो घाटी के लिए रोपवे व अद्धकुवारी से बैटरी कार सेवा दिन भर जारी रही।
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पंजीकरण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को लगभग 14900 भक्त माता के दर्शनों के लिए पहुंचे। वहीं, रविवार शाम छह बजे तक लगभग आठ हजार श्रद्धालुओं ने पंजीकरण करवाया था। गौरतलब है कि जनवरी व फरवरी में हर वर्ष यात्रा में गिरावट आती है।
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इन दो महीनों में यात्रियों की संख्या 10 हजार से कम होने पर प्राचीन गुफा के किवाड़ हर दिन कुछ समय के लिए खोल दिए जाते थे। लेकिन, दो वर्षों से कोरोना महामारी के कारण इन्हें बंद ही रखा गया है। इस वर्ष मकर संक्रांति को पूजा के लिए प्राचीन गुफा खुलने की संभावना है।