फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Vaishno Devi Bhawan Incident: Many jumped on the roof, someone saved their lives by climbing from the pillar of tinshed

वैष्णो देवी भवन हादसा : कई छत पर कूदे, किसी ने टिनशेड के पिलर से चढ़ कर बचाई जान, बिना दर्शन लौटे हजारों 

Sun, 02 Jan 2022 01:57 AM IST
दुष्यंत शर्मा बृजेश कुमार सिंह, जम्मू/कटड़ा
बृजेश कुमार सिंह, जम्मू/कटड़ा Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 02 Jan 2022 01:57 AM IST
सार

भगदड़ में छूट गए साथी, पति, पत्नी व बच्चों के लिए घंटों भटकते रहे लोग। छोटे बच्चों को सीने से चिपकाए और गोद में उठाकर लोग भागते नजर आए। 
 

विज्ञापन
Vaishno Devi Bhawan Incident: Many jumped on the roof, someone saved their lives by climbing from the pillar of tinshed
हादसे के बाद... - फोटो : संवाद

विस्तार

वैष्णो देवी धाम में पहली बार मची भगदड़ में सैकड़ों लोगों का एक-दूसरे से साथ छूट गया और वे अपनों से बिछड़ गए। पति-पत्नी, बच्चों व माता-पिता के लिए लोग घंटों भटकते रहे। मां वैष्णो देवी का आशीर्वाद लेकर नए साल की शुरुआत की कामना के साथ देशभर से उमड़े श्रद्धालुओं से पूरा भवन परिसर शुक्रवार रात 12 बजे के करीब खचाखच भर गया था। पैर रखने तक की जगह नहीं थी। ऐसे में मची भगदड़ ने 12 श्रद्धालुओं की जान ले ली। 

विज्ञापन


जान बचाने के लिए लोग इधर-उधर भागे। जहां जिसे सुरक्षित जगह मिली वहां ठौर बना लिया। कुछ ने पास की छतों पर कूदकर जान बचाई तो कई टिनशेड के पिलर पर चढ़ गए। छोटे बच्चों को सीने से चिपकाए और गोद में उठाए लोग भागते नजर आए। किसी के जूते छूटे तो किसी के शॉल। चारों ओर चीख पुकार का ही शोर रहा। सूचना प्रसारण यंत्र से लगातार यात्रियों से संयम बरतने और न घबराने की अपील की जाती रही। जब हालात सामान्य हुए तो श्राइन बोर्ड के सूचना प्रसारण यंत्र से लगातार भटके यात्रियों और उनके परिजनों के बारे में सूचनाएं प्रसारित होने लगीं। इससे लोगों को राहत मिली और घंटों भटकने के बाद उनका मिलन हो पाया। 
विज्ञापन


गोरखपुर की महिला अर्चना सिंह अपने पति के साथ नए साल पर खुशहाल दांपत्य जीवन के लिए माता वैष्णो का आशीर्वाद लेने आई थीं। दो महीने पहले ही उनकी शादी हुई थी। भगदड़ में उनका साथ छूट गया। काफी देर तक अर्चना उन्हें ढूंढती रहीं, लेकिन बाद में पता चला कि उनके पति की हादसे में मौत हो गई। करनाल हरियाणा के नवदीप और राजदान ने बताया कि वे पांच घंटे तक लाइन में खड़े रहे, लेकिन भीड़ इतनी अधिक थी कि लाइन आगे ही नहीं बढ़ रहा था। आगरा के सचिन अग्रवाल ने बताया कि वह अपने सात दोस्तों व रिश्तेदारों के साथ आया था। भगदड़ में सारे एक दूसरे से बिछड़ गए। लॉकर में मोबाइल फोन रख देने की वजह से ढूंढने में दिक्कत आई। सुबह नौ बजे सारे मिल पाए। गनीमत रही कि किसी को हादसे का शिकार नहीं होना पड़ा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


बिना दर्शन ही लौटे हजारों श्रद्धालु
भगदड़ मचने के बाद हजारों श्रद्धालु बिना दर्शन किए ही मां वैष्णो देवी के दरबार से लौट गए। भगदड़ के बाद यात्रा रुकने पर श्रद्धालुओं को अर्द्धकुंवारी के पास से कुछ देर तक आगे नहीं बढ़ने दिया गया। गोरखपुर के रामविलास सिंह, बाराबंकी की प्रियंका ने बताया कि वह परिवार के साथ दर्शन के लिए आए थे, लेकिन भगदड़ ने सारे उत्साह पर पानी फेर दिया। बिना दर्शन के ही वे लौट आए। भगदड़ में कुछ लोगों को कुचलते देखकर मन विचलित हो उठा। पठानकोट से तीन बच्चों एवं परिवार के पांच सदस्यों के साथ पहुंची रेखा ने बताया कि भगदड़ के बाद वे दर्शन के बगैर ही लौट गईं। 
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed