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टीका बना सुरक्षा कवच: पहली डोज लेने वाले उम्रदराज लोगों ने दी कोरोना को मात, जानिए कुछ ऐसे लोगों की कहानियां

Tue, 15 Jun 2021 08:23 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Tue, 15 Jun 2021 08:23 PM IST
सार

घर में ही आइसोलेट रहकर प्रोटोकॉल का पालन कर स्वस्थ हुए, पहली डोज संक्रमण में 60-70 फीसदी तक देती है सुरक्षा।
 

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Vaccine became safety : Old people who took the first dose defeated Corona, know the stories of some such people
vaccine update in jammu kashmir - फोटो : बासित जरगर

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में कोरोना की दूसरी लहर में हजारों लोगों के लिए कोरोना टीके ने सुरक्षा कवच का काम किया है। विशेषज्ञ डॉक्टरों के अनुसार कोरोना टीका की पहली डोज लेने पर संक्रमण होने पर भी 60-70 फीसदी सुरक्षा कवच मिल जाता है, जिसमें पीड़ित की शारीरिक क्षमता थोड़ी मजबूत होने पर वह जल्दी कवर कर जाता है। प्रदेश में कई उम्रदराज लोगों ने पहली डोज लेकर कोरोना को मात दे दी है।
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तालाब तिल्लो निवासी प्रदीप शर्मा (63) ने बताया कि वह 10 अप्रैल को कोरोना से संक्रमित हुए थे, तब उन्होंने वैक्सीन की एक डोज ली थी। संक्रमित होने पर शुरू में थोड़ी दिक्कत आई, लेकिन वैक्सीन ने सुरक्षा देने का काम किया और वह आठ दिन बाद अस्पताल से ठीक होकर घर लौट आए। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के अन्य सदस्य भी कोरोना से संक्रमित हो गए थे, लेकिन सब ठीक हो गए।
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तालाब तिल्लो निवासी 89 वर्षीय रावती देवी ने बताया कि वह अप्रैल में कोरोना से संक्रमित हुईं थीं।

उम्र अधिक होने पर वह शुरू में घबरा गई थीं, लेकिन संक्रमित होने से पहले कोरोना की पहली डोज ले ली थी, जिससे उनका आत्मविश्वास बना रहा। कुछ दिन कोरोना के शारीरिक लक्षण रहे, लेकिन घर पर ही आइसोलेट रहकर कोविड प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन किया और स्वस्थ हुए। उन्होंने कहा कि कोरोना की पहली वैक्सीन से उन्हें जल्दी ठीक होने में मदद मिली। लोअर मुट्ठी निवासी राजेंद्र शर्मा (62) ने बताया कि जब कोरोना ने गति पकड़ी थी तब अप्रैल के मध्यम में वह संक्रमित हुए, लेकिन उससे पहले कोरोना की पहली वैक्सीन ले ली थी।
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इस बीच अस्पताल में कुछ दिन रहना पड़ा, लेकिन थोड़े दिन के अंतराल के बाद ही उन्होंने कोरोना को मात दे दी और घर स्वस्थ होकर लौट आए। उन्होंने कहा कि कोरोना वैक्सीन ने उन्हें नया जीवन दिया,  इससे उनकी शारीरिक क्षमता बढ़ गई, जिसने कोरोना वायरस से लड़ने का मुख्य काम किया। मुट्ठी निवासी सुनीता (53) ने बताया कि वैक्सीन की पहली डोज लेने के कारण संक्रमित होने के कुछ दिन बाद ही वह स्वस्थ हो गईं। अगर वैक्सीन नहीं ली होती तो संक्रमण शरीर पर अधिक असर करता, जिससे हालत बिगड़ सकती थी।

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वैक्सीन लेकर भी पूरी सतर्कता बरतें
जीएमसी के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संदीप डोगरा ने कहा कि कोरोना वैक्सीन की डोज लेने के बाद भी कोरोना से पूरी तरह से सतर्कता बरतने की जरूरत है। वैक्सीन लेने के बाद कोई भी ढिलाई आपके और आपके परिवार के अन्य सदस्यों के लिए खतरनाक हो सकती है। हालांकि वैक्सीन लेने पर संक्रमण से 60-80 फीसदी तक सुरक्षा कवच मिल रहा है। लेकिन वैक्सीन लेने के बाद भी मास्क, सामाजिक दूरी का पालन, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से परहेज करना, पर्याप्त हैंड सैनिटाइज आदि का पालन करना जरूरी है, ताकि आप संक्रमण से बचे रहें। कोरोना की तीसरी लहर की संभावना है जो अधिक खतरनाक हो सकती है। इसके लिए खुद को सुरक्षित और स्वस्थ रखने के लिए कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करें।

18-44 आयु वर्ग में 3.94 लाख लोगों का टीकाकरण
जम्मू कश्मीर में 18 से 44 आयु वर्ग में अब तक कुल 61 लाख के लक्ष्य में 6.39 फीसदी को ही हासिल किया जा सका है। इसमें पहली डोज में 3.94 लाख और दूसरी डोज में 24600 लोगों का टीकाकरण हुआ है। राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ.. शाहिद हुसैन ने बताया कि प्रदेश के सभी 20 जिलों में 18-44 आयु वर्ग में कोरोना वैक्सीन की डोज दी गई है और इसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जा रहा है। इसके लिए कई जिलों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा हाई रिस्क समूह में टीकाकरण किया जा रहा है।

अब तक 94 फीसदी रिकवर हुए
जम्मू-कश्मीर में कुल 308011 संक्रमित मामलों पर 290284 मरीज ठीक हो चुके हैं और यह फीसदी दर 94.24 है। इसमें जम्मू संभाग में 110138 और कश्मीर संभाग में 180146 मरीज ठीक हुए हैं। रिकवर होने वाले मरीजों में बड़ी संख्या में ऐसे हैं, जिन्होंने कोरोना वैक्सीन ली है।

45 वर्ष में 76.47 को टीकाकरण
जम्मू कश्मीर में 45 से अधिक आयु वर्ग (सिटीजन) में 3060391 लोगों (76.47 फीसदी) का टीकाकरण हो चुका है। इसमें जम्मू, गांदरबल और शोपियां में 100 फीसदी टीकाकरण का दावा किया गया है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के निर्देश पर 30 जून तक सभी जिलों में इस वर्ग में 100 फीसदी टीकाकरण के लक्ष्य को हासिल करने को कहा गया है। अब तक हेल्थ केयर वर्कर, फ्रंटलाइन वर्कर और 45 आयु वर्ग सिटीजन वर्ग में कुल 3714988 लोगों का टीकाकरण किया गया है।

45 आयु वर्ग में फीसदी टीकाकरण
अनंतनाग    70.73 (214031)
कुलगाम    77.18 (102505)
पुलवामा    71.51 (127244)
श्रीनगर    51.00 ( 226719)
बडगाम    74.51 (198226)
बारामुला    79.56 (281709)
कुपवाड़ा    46.06 (108497)
बांदीपोरा     88.51 (86163)
उधमपुर    73.04(169510)
राजोरी    74.96(160368)
कठुआ    77.63 (184644)
पुंछ    77.92 (107448)
रामबन    78.14(72715)
डोडा    71.21 (95927)
किश्तवाड़    78.74 (48480)
रियासी    68.71 (76179)
सांबा    99.54 (93533)
 
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