केंद्रीय रेल मंत्री बोले: जम्मू और श्रीनगर के बीच दौड़ेगी वंदे भारत मेट्रो, कश्मीर से कटड़ा की दूरी होगी कम
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि चिनाब दरिया पर कोडी और बक्कल रेलवे स्टेशन को मिलाने के लिए बन रहा पुल रेलवे इंजीनियरिंग का बेहतरीन नमूना है। यह पुल विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुलों में शुमार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत कश्मीर घाटी को देश के अन्य हिस्सों से रेल के जरिये जोड़ा जाना महत्वपूर्ण है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा में माता के दर्शनों उपरांत कश्मीर जाने वाले सैलानी कटड़ा से बनिहाल की दूरी मात्र साढ़े तीन घंटे में पूरी कर सकेंगे। कटड़ा से कश्मीर तक का सफर रेल मार्ग के जरिये काफी सुगम और आरामदायक होगा। यह बातें रविवार को कोडी पहुंचे केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहीं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक शहर से दूसरे शहर तक वंदे मेट्रो चलाने की योजना है। जम्मू से कश्मीर के बीच भी वंदे मेट्रो को चलाया जाएगा। जम्मू निवासी कश्मीर जा कर शाम को वापस घर आ कर चाय पी सकेंगे। वहीं, कश्मीर से जम्मू आया कोई भी व्यापारी वापस घर जा कर कहवा का लुत्फ उठा सकता है।
रेलवे मंत्री ने कहा कि परियोजना के तहत ब्रिज बनाने के लिए फाउंडेशन के डिजाइन का पूरा ध्यान रखा है। क्षेत्र में ग्रेनाइट चट्टाने होने के कारण फाउंडेशन को तैयार करना आसान नहीं था। डोलोमाइट रॉक में फाउंडेशन बनाना काफी आसान होता है, क्योंकि वह काफी सख्त होती हैं।
परियोजना पर टनल बनाना भी काफी मुश्किल भरा कार्य रहा। सख्त रॉक में टनल बनाना आसान होता है। पहले टनल बनाने के लिए न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड का इस्तेमाल किया गया। बाद में सभी के दिमाग से उपजी बेहतरीन सोच के जरिये हिमालयन टनललिंग मैथड का इस्तेमाल कर परियोजना को सिरे चढ़ाया गया।
भारत के लिए गौरव का दिन है आज
केंद्रीय रेल मंत्री ने कहा कि आज का दिन देशवासियों के लिए गर्व का दिन है। रेल लिंक परियोजना इस वर्ष के अंत या जनवरी 2024 में पूरी हो जाएगी। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद उक्त प्रोजेक्ट को राष्ट्र हित में लाया गया और इसका बजट बढ़ाया गया। इस साल बजट में प्रोजेक्ट के लिए छह हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। परियोजना पर अंजी खड्ड पर बन रहा पुल भी महत्वपूर्ण है।
चिनाब दरिया पर बन रहा ब्रिज इंजीनियरिंग का बेहतरीन नमूना : वैष्णव
महत्वाकांक्षी उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक परियोजना के तहत चिनाब दरिया पर कोडी और बक्कल रेलवे स्टेशन को मिलाने के लिए बन रहा पुल रेलवे इंजीनियरिंग का बेहतरीन नमूना है। यह पुल विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुलों में शुमार है। पहाड़ों के बीच से गुजरने वाली रेलवे लाइन भारत की भव्यता को दिखाती है।
पुल की ऊंचाई एफिल टावर से भी 35 मीटर ज्यादा है। यह बातें रविवार को रेल लिंक परियोजना में कोडी पहुंचे केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पुल का निरीक्षण करते हुए कहीं। वहीं, ट्राली ट्रायल के दौरान पूरा क्षेत्र भारत माता के जयघोष से गूंज उठा और तिरंगा भी फहराया गया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत कश्मीर घाटी को देश के अन्य हिस्सों से रेल के जरिये जोड़ा जाना महत्वपूर्ण है। उधमपुर केे बाद श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा में रेल का पहुंचना और अब आगे का सफर भी रेल के जरिये होगा, जिसकी पूरी आशा है।
जम्मू-कश्मीर में आने वाले लाखों सैलानी रेल के माध्यम से कश्मीर तक का सफर प्राकृतिक सुंदरता को निहारते हुए कर सकेंगे। रेलवे मंत्री ने कहा कि रेल लिंक परियोजना का काम तेज गति से हो सके इसके लिए केंद्र सरकार लगातार नजर बनाए हुए है। पुल तकनीकी दृष्टि से भी सुदृढ़ है।
इस पर तेज हवाओं, अत्याधिक तापमान और भूकंप का भी असर नहीं होगा। केंद्रीय मंत्री ने पुल का ट्राली के जरिये परीक्षण भी किया। वहीं, मौके पर मौजूद उत्तर रेलवे के अधिकारियों से बात भी की। रेल मंत्री ने कोडी के अलावा डुग्गा में बिछाए जा रहे रेलवे ट्रैक का भी निरीक्षण किया।
वर्ष 2004 में शुरू किया गया था ब्रिज का निर्माण कार्य
उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक परियोजना की लंबाई 272 किलोमीटर है। कटड़ा से बनिहाल की दूरी 111 किलोमीटर है। दरिया चिनाब पर ब्रिज बनाने का काम वर्ष 2004 में शुरू किया गया था। ब्रिज तक पहुंचने के लिए कई गांवों से संपर्क मार्ग को निकाला गया, जिसके जरिये मशीनरी को पहुंचाने में आसानी हुई।
दरिया चिनाब से पुल की ऊंचाई 359 मीटर, जबकि लंबाई 1.3 किलोमीटर है। ब्रिज का निर्माण अफकांस कंपनी की ओर से किया जा रहा है। दरिया चिनाब पर ब्रिज की मुख्य आर्च को पहले से ही जोड़ दिया गया है। दोनों सिरों पर भी काम प्रगति पर है।