फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Union Minister said If you have to close a dozen offices to save one life do not mind

Jammu: केंद्रीय मंत्री बोले-एक जान बचाने को दर्जनभर दफ्तर बंद करने पड़े तो गुरेज नहीं, संवेदनशीलता की वकालत की

Sun, 25 Dec 2022 02:20 AM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ Published by: आकाश दुबे Updated Sun, 25 Dec 2022 02:20 AM IST
सार

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह का यह बयान तब आया है, जब तीन दिन पहले ही उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने दो टूक कहा था कि कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को 31 अगस्त तक का वेतन दिया गया है, लेकिन यह नहीं हो सकता है कि उन्हें बिना काम के और वेतन दिया जाए।

विज्ञापन
Union Minister said If you have to close a dozen offices to save one life do not mind
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कश्मीर घाटी में लक्षित हत्याओं के बाद से जम्मू संभाग में प्रदर्शन कर रहे कश्मीरी पंडित कर्मियों के मामले को केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने संवेदनशीलता से देखने की वकालत की है। कठुआ पहुंचे डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि किसी भी जान की कोई कीमत नहीं हो सकती। एक जान बचाने के लिए अगर दर्जन भर दफ्तर बंद करने पड़ें तो जान बचाना सबसे ज्यादा जरूरी है।

विज्ञापन


डॉ. सिंह का यह बयान तब आया है, जब तीन दिन पहले ही उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने दो टूक कहा था कि कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को 31 अगस्त तक का वेतन दिया गया है, लेकिन यह नहीं हो सकता है कि उन्हें बिना काम के और वेतन दिया जाए। उल्लेखनीय है कि उप राज्यपाल के इस बयान पर विपक्षी दलों ने भी सवाल उठाए थे। कश्मीरी पंडितों ने भी विरोध प्रदर्शन तेज कर दिए, जिन्हें समझाने गए भाजपा नेताओं को भी प्रदर्शनकारी कश्मीरी पंडित कर्मियों का गुस्सा झेलना पड़ा था।

विज्ञापन

क्या कहा था उप राज्यपाल ने?
एलजी ने कहा था, कश्मीरी पंडित कर्मियों की जायज समस्याएं और मुद्दे रहे हैं, जिन्हें एक-एक कर सुलझाया जा रहा है। कश्मीर घाटी में सुरक्षित स्थानों पर तैनाती सुनिश्चित कर दी गई है। किसी भी कर्मचारी की अकेले तैनाती नहीं है। कम से कम दो या तीन कर्मचारी तैनात किए गए हैं। 2015 से नियुक्त कर्मचारियों के पदोन्नति के सभी मामलों का निपटारा किया जा रहा है। पहले भूमि तक नहीं मिलती थी, लेकिन अब आवास की समस्या को भी पूरी तरह से दूर किया जा रहा है।

इसके बाद उन्होंने कहा था कि कश्मीरी पंडित कर्मियों से सरकार की पूरी सहानुभूति है, लेकिन वह साफ शब्दों में कहना चाहते हैं कि बिना काम के अब और वेतन संभव नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा था कि इस बाबत गुंजाइश तलाशने के लिए कमेटी विचार कर रही है। इसके लिए नीति भी बनाई जा सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed