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भारत-पाक सीमा पर पहुंची गृह मंत्रालय की टीम

Sat, 09 May 2015 12:41 PM IST
Updated Sat, 09 May 2015 12:41 PM IST
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Union Home Ministry team arrived on the Indo-Pak border

भारत पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों के ग्रामीणों की समस्याएं जानने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से आई टीम ने विस्तृत दौरा किया। मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स गर्वनमेंट ऑफ इंडिया की टीम का नेतृत्व कर रहे एनके भारद्वाज ने बोबिया, चंदवां, चंद्रे चक में ग्रामीणों के साथ बैठक की।

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सीमा सुरक्षा बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित बैठकों में ग्रामीणों ने अपनी तमाम समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। केंद्रीय टीम ने ग्रामीणों को बताया कि सीमावर्ती इलाके में तनावपूर्ण हालात के दौरान पलायन की वजह से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए सरकार विशेष योजना पर काम करने जा रही है।
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टीम सदस्य योजना के लिए ही आंकलन करने आई है। प्रस्तावित योजना के अनुसार, पलायन का सामना करने वाले ग्रामीणों को उनकी फसलों और मवेशियों के नुकसान का मुआवजा दिलाने की व्यवस्था की जाएगी।
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फसलों और मवेशियों को बीमा कवर दिया जाएगा

Union Home Ministry team arrived on the Indo-Pak border

टीम के साथ आए बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों का हवाला देते हुए ग्रामीणों को बताया गया कि उनकी फसलों और मवेशियों को बीमा कवर दिया जाएगा। बीमा के लिए प्रीमियम का बड़ा अंश केंद्रीय सरकार देगी जबकि राज्य सरकार और लाभार्थी परिवार को कुछ अंश देना होगा।

इसी योजना के सिलसिले में वह ग्रामीणों से बातचीत करने आए हैं। सरकार द्वारा योजना बनाए जाने के बाद उन्हें लाभ मिल सकेगा। वहीं ग्रामीणों ने सीमावर्ती इलाके में बनाए जा रहे सामुदायिक बंकरों के बजाए हर कुनबे के लिए घर के निकट अलग बंकर बनाने की मांग की।

ग्रामीणों ने कहा कि गोलाबारी के दौरान उनके लिए घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। इसी तरह से उन्होंने नक्सल प्रभावित इलाको में रह रहे परिवारों के एक सदस्य को नौकरी देने की तर्ज पर सीमावर्ती इलाके में भी हर परिवार से एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की।

ग्रामीणों ने लेह में हो रही भर्ती का जिक्र करते हुए कहा कि भर्ती का आयोजन सीमावर्ती इलाके में किया जाना चाहिए। इसके अलावा नवोदय विद्यालय की सुविधा भी दी जानी चाहिए।

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