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Udhampur : डाइट कुद का कारनामा... पहले 235 बच्चे किए पास, फिर 135 को कर दिया फेल, कहा- फिर कराएंगे पेपर

Wed, 01 May 2024 05:07 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, उधमपुर
अमर उजाला नेटवर्क, उधमपुर Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 01 May 2024 05:07 AM IST
सार

25 अप्रैल को जारी किए आठवीं के परीक्षा परिणाम में उक्त क्लस्टर के 288 में 235 बच्चों को पास बताया गया था, लेकिन दो दिन बाद फिर परिणाम जारी कर 155 बच्चों को फेल बताया गया।

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Udhampur: Methodology of Diet Kud... First 235 children passed, then 135 failed.
डाइट कुद फिर चर्चा में... - फोटो : x@DietKud

विस्तार

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) कुद की कार्यप्रणाली का खामियाजा पंचैरी और लांदर क्लस्टर के नौनिहालों को भुगतना पड़ रहा है। 25 अप्रैल को जारी किए आठवीं के परीक्षा परिणाम में उक्त क्लस्टर के 288 में 235 बच्चों को पास बताया गया था, लेकिन दो दिन बाद फिर परिणाम जारी कर 155 बच्चों को फेल बताया गया। इससे जहां बच्चे और अभिभावक परेशान हैं वहीं, मामला डीसी तक पहुंच गया है। उधर, डाइट कुद के प्रिंसिपल ने इसे तकनीकी खामी बताया है। साथ ही एक माह बाद फिर से पेपर करवाने की बात कही है।

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इस मामले के चलते लोगों में काफी रोष है। हर कोई डाइट कुद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है। लोगों एवं अभिभावकों का कहना है कि परिणाम में कोताही बरत कर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया गया है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। वार्षिक परिणाम में संशोधन के संबंध में संबंधित एजेंसी ने किसी भी समाचार या अन्य माध्यम से कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी है। अभिभावक नया परिणाम रद्द करने और इस चूक के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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डाइट की विश्वसनीयता पर उठे सवाल
जिस तरह से डाइट कुद की ओर से 25 अप्रैल को 8वीं का रिजल्ट निकाला गया और फिर दो दिन बाद उसी रिजल्ट में संशोधित करने से कार्यप्रणाली व विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। सरकारी एजेंसी से ऐसी चूक की अपेक्षा नहीं की जाती। इसकी जांच होनी चाहिए और संबंधित लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। इस संबंध में संबंधित क्लस्टर इंचार्ज, प्रिंसिपल डाइट कुद, मुख्य शिक्षा अधिकारी उधमपुर व एससीईआरटी के अधिकारियों से बात की है। लोगों की ओर डीसी को ज्ञापन भी दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्र के लोग वैसे ही शिक्षा से संबंधित चुनौतियों से जूझ रहे हैं और उस पर परिणाम में ऐसी कोताही बरत कर मजाक किया गया है। इस पर ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।
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- जसवीर सिंह, डीडीसी सदस्य, पंचैरी-मोंगरी

25 अप्रैल को निकाले गए 8वीं के परिणाम में तकनीकी खामी देखी गई थी, जिसे सुधार कर दो दिन बाद फिर परिणाम घोषित किया गया था। यह खामी सिर्फ पंचैरी व लांदर क्लस्टर से संबंधित थी। बच्चों की उत्तर पुस्तिका को मंगवा कर गहनता से जांच की जा रही है। जो बच्चे फेल हुए हैं वह अगर चाहें पुनर्जांच करवा सकते हैं। वहीं, फेल हुए छात्रों के एक माह बाद फिर से पेपर लिए जाएंगे ताकि उनका साल बर्बाद न हो और उन्हें अगली कक्षा में दाखिला मिल सके। मामले की विभाग की ओर से टीम गठित कर जांच की जाएगी।
- भारत भूषण चौहान, प्रिंसिपल, डाइट कुद

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