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उधमपुर हमला: जिंदा पकड़े गए आतंकी नावेद समेत 6 पर आरोप तय
जेएनएफ/जम्मू
Updated Mon, 23 May 2016 07:05 PM IST
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आतंकी नावेद
- फोटो : File Photo
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स्पेशल मजिस्ट्रेट किशोर कुमार ने उधमपुर में बीएसएफ काफिले पर हमला करने के आरोपी नावेद व पांच अन्यों के खिलाफ आरोप तय किए।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी के केस अनुसार पांच अगस्त 2015 सुबह सात बजे के करीब जम्मू श्रीनगर हाईवे पर नरसू इलाके में आतंकियों ने घात लगाकर बीएसएफ काफिले पर हमला किया। आतंकियों ने बीएसएफ की गाड़ी पर हमला किया और अंधाधूंध फायरिंग की। इस हमले में दो बीएसएफ जवान शहीद हो गए और कई अन्य घायल हुए।
जवाबी कार्रवाई में एक आतंकी मारा गया और दूसरा आतंकी नावेद पकड़ा गया। दोनों आतंकी पाक नागरिक हैं और लश्कर ए तोइबा संगठन से संबंध रखते थे। पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकियों ने लश्कर के ट्रेनिंग कैंप में ट्रेनिंग हासिल की। नावेद तीन अन्य आतंकियों मोहम्मद भाई, अबु नोमान, अबु ओकासा के साथ अवैध तरीके से जून 2015 के पहले सप्ताह में घुसपैठ करके घुसा।
भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियां करने की मंशा से कश्मीर में पहुंचे। साउथ कश्मीर में आतंकी संगठन के कमांडर अबु कासिम से मिले। दस जुलाई 2015 को जम्मू व आसपास क्षेत्र में हमले की योजना बनाकर वह आए। जम्मू में योजना सफल नहीं होने के कारण उन्होंने अपना प्लान बदल दिया।
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी के केस अनुसार पांच अगस्त 2015 सुबह सात बजे के करीब जम्मू श्रीनगर हाईवे पर नरसू इलाके में आतंकियों ने घात लगाकर बीएसएफ काफिले पर हमला किया। आतंकियों ने बीएसएफ की गाड़ी पर हमला किया और अंधाधूंध फायरिंग की। इस हमले में दो बीएसएफ जवान शहीद हो गए और कई अन्य घायल हुए।
जवाबी कार्रवाई में एक आतंकी मारा गया और दूसरा आतंकी नावेद पकड़ा गया। दोनों आतंकी पाक नागरिक हैं और लश्कर ए तोइबा संगठन से संबंध रखते थे। पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकियों ने लश्कर के ट्रेनिंग कैंप में ट्रेनिंग हासिल की। नावेद तीन अन्य आतंकियों मोहम्मद भाई, अबु नोमान, अबु ओकासा के साथ अवैध तरीके से जून 2015 के पहले सप्ताह में घुसपैठ करके घुसा।
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भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियां करने की मंशा से कश्मीर में पहुंचे। साउथ कश्मीर में आतंकी संगठन के कमांडर अबु कासिम से मिले। दस जुलाई 2015 को जम्मू व आसपास क्षेत्र में हमले की योजना बनाकर वह आए। जम्मू में योजना सफल नहीं होने के कारण उन्होंने अपना प्लान बदल दिया।
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अगली तारीख पर बहस करने के आदेश
आतंकी नावेद को पेशी पर ले जाते पुलिस कर्मी
- फोटो : File Photo
नावेद को लश्कर ए तोईबा में स्थानीय मस्जिद के मौल्वी बशीर निवासी जमील पार्क गुलाम मोहमम्द आबाद निवासी फैसलाबाद पंजाब ने 2011 में भर्ती कराया। बशीर मौलवी ने नावेद को मरकज खैबर के कर्मचारी अब्दुल्ला सुल्तान के पास भेजा। उसने नावेद को लश्कर के अलग अलग जगहों पर चल रहे तीन ट्रेनिंग कैंपों में भेजा।
दो जून 2015 को मोहम्मद नावेद, मोहम्मद भाई, अबु नोमान, अबु ओकासा घुसपैठ कर गए। बारामुला में वह बाबा रेशी से मिले। एक बताए हुए स्थान पर सात जून 2015 को रेशी से मिले। इस दौरान सभी खदरमोह पुलवामा में जाकर छिपे। एक और आतंकी आशिक हुसैन भट भी अबु कासिम से मिला। सभ्री एक टिप्पर में बैठकर अवंतीपोरा पहुंचे।
अबु कासिम ने जम्मू में हमले की साजिश रची। सभी आतंकियों को जम्मू भेजा और कहा उन्हें जम्मू में ही हथियार मिल जाएंगे। नौ जुलाई को वह एक ट्रक में बैठकर जम्मू पहुंचे। उसमें सफल नहीं होने पर वह वापस लौट गए। मोहम्मद फैयाज इट्टू के घर पर साजिश रची गई। दो अगस्त को जम्मू संभाग में किसी जगह पर हमले की साजिश रची गई।
चार अगस्त को अबु नोमान के साथ एक ट्रक में जम्मू की तरफ निकले। एक आतंकी ने हथियार लिए थे। कुलगाम से चलकर वह उधमपुर के नजदीक नरसू में पहुंचे।
कोर्ट ने पाया इस मामले में पुरा केस साफ है। नावेद व अन्य पांच शौकत भट, शबजार अहमद भट, खुर्शीद अहमद भट, फैयाज अहमद इटटू ने हमले की साजिश की। बीएसएफ जवानों को नुकसान पहुंचाया। सभी के खिलाफ आरोप तय किए गए और अगली तारीख पर बहस करने के आदेश दिए।
दो जून 2015 को मोहम्मद नावेद, मोहम्मद भाई, अबु नोमान, अबु ओकासा घुसपैठ कर गए। बारामुला में वह बाबा रेशी से मिले। एक बताए हुए स्थान पर सात जून 2015 को रेशी से मिले। इस दौरान सभी खदरमोह पुलवामा में जाकर छिपे। एक और आतंकी आशिक हुसैन भट भी अबु कासिम से मिला। सभ्री एक टिप्पर में बैठकर अवंतीपोरा पहुंचे।
अबु कासिम ने जम्मू में हमले की साजिश रची। सभी आतंकियों को जम्मू भेजा और कहा उन्हें जम्मू में ही हथियार मिल जाएंगे। नौ जुलाई को वह एक ट्रक में बैठकर जम्मू पहुंचे। उसमें सफल नहीं होने पर वह वापस लौट गए। मोहम्मद फैयाज इट्टू के घर पर साजिश रची गई। दो अगस्त को जम्मू संभाग में किसी जगह पर हमले की साजिश रची गई।
चार अगस्त को अबु नोमान के साथ एक ट्रक में जम्मू की तरफ निकले। एक आतंकी ने हथियार लिए थे। कुलगाम से चलकर वह उधमपुर के नजदीक नरसू में पहुंचे।
कोर्ट ने पाया इस मामले में पुरा केस साफ है। नावेद व अन्य पांच शौकत भट, शबजार अहमद भट, खुर्शीद अहमद भट, फैयाज अहमद इटटू ने हमले की साजिश की। बीएसएफ जवानों को नुकसान पहुंचाया। सभी के खिलाफ आरोप तय किए गए और अगली तारीख पर बहस करने के आदेश दिए।