आतंकियों से साथ 21 घंटे तक चली मुठभेड़ का पूरा हाल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दक्षिण कश्मीर के जिला कुलगाम में एक संयुक्त अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने 21 घंटे तक चली मुठभेड़ के बाद दो लश्कर आतंकियों को मार गिराया। सैन्य प्रवक्ता कर्नल बृजेश पांडे के मुताबिक मारे गए दोनों आतंकी कुलगाम के ही बताए जा रहे हैं। इनकी पहचान मोहम्मद अब्बास मल्ला उर्फ खताब और मंजूर उल हक मलिक के रूप में की गई है।
मारे गए आतंकियों से एक एके राइफल और एक इनसास राइफल बरामद की गई है। आतंकियों के शव मलबे से निकाले जाने के दौरान स्थानीय लोगों द्वारा सुरक्षा बलों के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। लोग आतंकियों के शव उन्हें सौंपने की मांग कर रहे थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा पथराव किए जाने के चलते स्थिति पर नियंत्रण पाने को पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा हवाई फायरिंग की गई।
इसमें एक नागरिक जिसकी पहचान 25 वर्षीय तारीक अहमद भट की गई, उसकी मौत हो गई। युवक की मौत के बाद लोगों का प्रदर्शन और हिंसक हो उठा और प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा आंसू गैस के गोले भी दागे गए।
मुठभेड़ में तीन जवान घायल, एक गंभीर
आतंकियों से मुठभेड़ में सेना के दो और एक सीआरपीएफ का जवान घायल हो गए। इनमें से सेना के एक जवान की हालत गंभीर बनी हुई है। उल्लेखनीय है कि जिला कुलगाम के चोनिगाम में वीरवार शाम आतंकियों द्वारा सुरक्षा बलों के जवानों पर फायरिंग किए जाने के बाद मुठभेड़ शुरू हुई थी।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार मुठभेड़ में मारे गए दोनों लश्कर आतंकी कई वारदात में शामिल थे। अब्बास मल्ला 2013 में लश्कर से जुड़ा था और अरवानी में पुलिस दल पर हुए हमले के अलावा वह लवडोरा (काजीगुंड) में सीआरपीएफ वाहन पर किए गए हमले में भी शामिल था। जबकि मलिक इसी साल मई में शोपियां में की गई नासिर मीर की हत्या की वारदात में शामिल होने के साथ साथ काजीगुंड हमले में भी मल्ला के साथ था।
प्रदर्शन देखने के दौरान लगी गोली
मारे गए युवक तारिक अहमद भट के पिता मोहम्मद इस्माइल के अनुसार, मेरा बेटा मजदूर था और वहां हो रहे प्रदर्शन को देख रहा था। इस बीच अचानक उसे गोली लगी और उसकी मौत हो गई। इस्माइल के अनुसार अब उनका कमाने का कोई और जरिया नहीं रहा।