जम्मू-कश्मीर के डोडा में मुठभेड़, दो आतंकी ढेर
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जम्मू कश्मीर के डोडा में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया है। इस जिले में आतंकवादी गतिविधियां ना के बराबर मानी जाती है।
इलाके में पिछले कई वर्षों से इस इलाके में आतंकवाद ना के बराबर है। जून 2011 में यहां सुरक्षा बलों के साथ हुई एक मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकवादी मारे गए थे। आज सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ में मारे गए दोनों आंतकी पूर्व विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) थे।
रात भर दोनों ओर से चली गोलीबारी में सुबह करीब साढ़े चार बजे दो आतंकवादी मारे गए। सुरक्षाबलों ने दोनों आतंकवादियों के शव बरामद कर लिए हैं। मुठभेड़ में मारे गए दोनों आतंकियों की पहचान गुलाम नबी मंगनू उर्फ मौलवी और रियाज अहमद के तौर पर हुई है।
दोनों पहले भी रह चुके थे आतंकवादी
जम्मू जोन के आईजी दानिश राणा ने इस बात की पुष्टि की है कि आज सुबह डोडा के गढ़ी नाला इलाके में हुए मुठभेड़ में दो पूर्व एसपीओ मारे गए हैं। इन दोनों ने पिछले महीने पुलिस बल छोड़ा था और आतंकवादी संगठन में शामिल हो गए थे।
उनके पास से एक एके रायफल, एक इन्सास रायफल और कुछ गोलाबारूद मिला है। राणा ने बताया, हम उन पर नजर रख रहे थे। आज गढ़ी नाला में मुठभेड़ में दोनों मारे गए।
आंतकी गुलाम नबी मंगनू पहले लश्कर का जिला कमांडर था और उसने साल 2010 में आत्मसमर्पण कर दिया था। बाद में वह एसपीओ के तौर पर पुलिस में शामिल हो गया था। वहीं रियाज हिजबुल का आतंकी था और 2010 में उसने भी समर्पण किया था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मौलवी 2003 में लश्कर-ए-तैयबा और रियाज 1999 में हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हुआ था। ये दोनों सितंबर महीने में पुलिस से एक एके रायफल, एक इनसास रायफल लेकर फरार गए थे।