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Jammu News: दो घंटे तेज बारिश, खेतों में बिछी फसल
Sat, 28 Sep 2024 04:17 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Sat, 28 Sep 2024 04:17 AM IST
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जिले में 27971 ने बनवाए हैं किसान क्रेडिट कार्ड, 10114 ने करवाया है प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। बारिश और चली तेज हवाओं से शुक्रवार सुबह बासमती धान की फसल बिछ गई। इससे किसान वर्ग परेशान है। किसान मिलखी राम, जगत राम और राकेश कुमार के अनुसार कि उनके धान के खेत में पहले से ही पानी था और सुबह हुई बारिश के साथ चली तेज हवा से धान की फसल खेतों में लेट गई है।
किसानों ने बताया कि गत वर्ष भी जब धान की फसल पकने को थी तो बारिश के साथ ओले पड़ने व तेज हवा से धान की फसल को काफी नुकसान हुआ था। एक बार फिर से किसान असमंजस में हैं। किसानों ने बताया कि उन्होंने फसल का बीमा नहीं करवाया है। आज सुबह साढ़े 9 बजे से लेकर साढ़े 11 बजे तक बारिश के साथ तेज हवा चलती रही। इससे धान की फसल जमीन पर लेट गई। किसानों के अनुसार प्राकृतिक आपदाओं से काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार जिले में 27971 किसानों ने अपने केसीसी बनवाए हैं। इनमें 10114 किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा करवाया है। जिले में कुल 4200 हेक्टेयर पर धान की फसल होती है।
किसानों को धान की फसल के बीमा के लिए 100 रुपये प्रति कनाल के हिसाब से किश्त देनी होती है। फसल के नुकसान होने पर बीमा कंपनी की ओर से 5000 रुपये प्रति कनाल के हिसाब से किसान को मुआवजा दिया जाता है।
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जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में धान की फसल खेत में लेटी है। कोई अधिक नुकसान नहीं हुआ है। एक दो दिन धूप निकले पर धान की फसल फिर से उठ जाएगी। सांबा जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में टीम ने दौरा किया है।
मदन गोपाल सिंह, मुख्य जिला कृषि अधिकारी सांबा।
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सांबा। बारिश और चली तेज हवाओं से शुक्रवार सुबह बासमती धान की फसल बिछ गई। इससे किसान वर्ग परेशान है। किसान मिलखी राम, जगत राम और राकेश कुमार के अनुसार कि उनके धान के खेत में पहले से ही पानी था और सुबह हुई बारिश के साथ चली तेज हवा से धान की फसल खेतों में लेट गई है।
किसानों ने बताया कि गत वर्ष भी जब धान की फसल पकने को थी तो बारिश के साथ ओले पड़ने व तेज हवा से धान की फसल को काफी नुकसान हुआ था। एक बार फिर से किसान असमंजस में हैं। किसानों ने बताया कि उन्होंने फसल का बीमा नहीं करवाया है। आज सुबह साढ़े 9 बजे से लेकर साढ़े 11 बजे तक बारिश के साथ तेज हवा चलती रही। इससे धान की फसल जमीन पर लेट गई। किसानों के अनुसार प्राकृतिक आपदाओं से काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार जिले में 27971 किसानों ने अपने केसीसी बनवाए हैं। इनमें 10114 किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा करवाया है। जिले में कुल 4200 हेक्टेयर पर धान की फसल होती है।
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किसानों को धान की फसल के बीमा के लिए 100 रुपये प्रति कनाल के हिसाब से किश्त देनी होती है। फसल के नुकसान होने पर बीमा कंपनी की ओर से 5000 रुपये प्रति कनाल के हिसाब से किसान को मुआवजा दिया जाता है।
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जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में धान की फसल खेत में लेटी है। कोई अधिक नुकसान नहीं हुआ है। एक दो दिन धूप निकले पर धान की फसल फिर से उठ जाएगी। सांबा जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में टीम ने दौरा किया है।
मदन गोपाल सिंह, मुख्य जिला कृषि अधिकारी सांबा।