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चश्मदीद के बयान से फिर कटघरे में आई सेना
टीम डिजीटल/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sat, 08 Nov 2014 10:42 PM IST
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जम्मू कश्मीर के बडगाम में सेना की गोली का शिकार हुए दो युवकों की मौत के मामले में सेना और मुश्किलों में घिरती दिख रही है। घटना में सही सलामत बचे एकमात्र किशोर ने सेना के दावों पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि सेना के जवानों ने बिना किसी बात और वजह के गाड़ी पर अंधाधुंध गोलियां दागी।
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घटना के चश्मदीद रहे बासिम अमीन ने ने सेना के उस दावे को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि कार सवार युवकों को गाड़ी रोकने की चेतावनी दी गई थी।
बासिम के अनुसार सेना ने कोई चेतावनी नहीं दी, न ही हमने कोई नाका तोड़ा था। हम लोग आराम से कार में बैठकर मोहर्ररम का जुलूस देखने जा रहे थे। गाड़ी फैजल चला रहा था इसी बीच एक सेना की एक गोली सीधे उसके बाजू में लगी। इससे पहले की हम कुछ समझ पाते तीन तरफ से गोलियों की बौछार होने लगी।
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मैं किसी तरह खिड़की खोलकर भाग निकलने में सफल रहा, जबकि चारों लोग गोलियों के बीच गाड़ी में ही फंस गए। हादसे में कार चला रहे फैजल युसूफ और मेहराजुद्दीन की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि जाहिर अयूब और शकीर अहमद गंभीर रूप से घायल हो गए। बकौल बासिक हादसे के बाद वो बुरी तरह से डर गया था।
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