फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Twitter War between CM Abdullah and Mehbooba Mufti over Indus Water Treaty

J&K: 'सीमा पार बैठे कुछ लोगों को खुश करने के लिए...', सिंधु जल संधि को लेकर महबूबा पर CM अब्दुल्ला ने कसा तंज

Fri, 16 May 2025 07:54 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: आकाश दुबे Updated Fri, 16 May 2025 07:54 PM IST
सार

सीएम उमर अब्दुल्ला ने एक्स पर महबूबा मुफ्ती के पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए लिखा कि कुछ लोग सस्ती लोकप्रियता पाने और सीमा पार बैठे लोगों को खुश करने की अपनी अंधी लालसा के लिए सच्चाई से मुंह मोड़े रहते हैं।

विज्ञापन
Twitter War between CM Abdullah and Mehbooba Mufti over Indus Water Treaty
महबूबा मुफ्ती और सीएम उमर अब्दुल्ला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पूर्व सीएम और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने एक्स पर महबूबा मुफ्ती के पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए लिखा कि कुछ लोग सस्ती लोकप्रियता पाने और सीमा पार बैठे लोगों को खुश करने की अपनी अंधी लालसा के लिए सच्चाई से मुंह मोड़े रहते हैं। साथ ही उन्होंने सिंधु जल संधि को जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए सबसे बड़ा घाटा बताया है। 

विज्ञापन


महबूबा मुफ्ती ने कही थी ये बात
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा, 'मैं समझती हूं कि भारत सरकार ने सिंधु जल संधि को जो स्थगित किया है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। हमारे कई लोग यहां शहीद हुए हैं, कई गांव तबाह हो गए हैं, इतनी तबाही के बाद अब कुछ राहत मिली है। हमें वो बाते कहनी चाहिए जिससे अमन बढ़े। मुझे लगता है कि नई दिल्ली को भी इस बारे में सोचना चाहिए और अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। पाकिस्तान को भी शिमला समझौते को निलंबित करने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। हमें अपने मुद्दों को द्विपक्षीय रूप से हल करना चाहिए।'
विज्ञापन


सीएम अब्दुल्ला ने दिया यह जवाब
महबूबा मुफ्ती के बयान के जवाब में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री, उमर अब्दुल्ला ने कहा कि "वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि कुछ लोग सस्ती लोकप्रियता पाने और सीमा पार बैठे लोगों को खुश करने की अपनी अंधी लालसा के लिए सच से नजर मोड़े रहते हैं। आप यह स्वीकारने से इनकार करती हैं कि सिंधु जल संधि जम्मू-कश्मीर के लोगों के हितों के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात है। मैं हमेशा से इसका विरोध करता रहा हूं और आगे भी इसे जारी रखूंगा। एक गलत संधि का विरोध करना युद्ध की लालसा करना नहीं है। यह एक ऐतिहासिक अन्याय को ठीक करने के बारे में है, जिसके जरिए प्रदेश के लोगों को उनके हक के पानी से वंचित कर दिया गया था।"
विज्ञापन
विज्ञापन


संबंधित वीडियो-


यह भी पढ़ें- J&K: पुलिस के हाथ लगी बड़ी सफलता, आतंकियों के तीन मददगार गिरफ्तार, लश्कर-ए-तैयबा के लिए कर रहे थे काम

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed