J&K: पुलिस के हाथ लगी बड़ी सफलता, आतंकियों के तीन मददगार गिरफ्तार, लश्कर-ए-तैयबा के लिए कर रहे थे काम
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान मुजम्मिल अहमद, इशफाक पंडित निवासी अगलर पट्टन और मुनीर अहमद निवासी मीरीपोरा बीरवाह के रूप में हुई है। तीनों को मगाम के कावूसा नरबल इलाके में गिरफ्तार किया गया है।
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जम्मू-कश्मीर के बडगाम में शुक्रवार को पुलिस के हाथ बड़ी सफलता लगी है। पुलिस ने आतंकियों के तीन मददगारों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, तीनों प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से जुड़े हैं। पुलिस ने यूएपीए की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही आगे की जांच शुरू कर दी है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान मुजम्मिल अहमद, इशफाक पंडित निवासी अगलर पट्टन और मुनीर अहमद निवासी मीरीपोरा बीरवाह के रूप में हुई है। तीनों को मगाम के कावूसा नरबल इलाके में गिरफ्तार किया गया। इनके पास से एक पिस्तौल और एक हथगोला सहित अन्य गोला-बारूद बरामद किया गया है। बता दें कि सुरक्षाबल कश्मीर घाटी में छिपे आतंकियों का सफाया कर रहे हैं। चुन-चुनकर दहशतगर्दों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जा रहा है। सुरक्षाबलों ने कश्मीर में बीते तीन दिनों में हुईं दो अलग-अलग मुठभेड़ में छह आतंकियों को मार गिराया है।
इससे पहले दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल में बृहस्पतिवार को हुई मुठभेड़ में मारे गए तीनों आतंकियों के नाम पहलगाम हमले के बाद जारी की गई सूची में हिट लिस्ट में शामिल थे। पहलगाम हमले के बाद आतंकियों के खिलाफ शुरू की गई कार्रवाई में इनके भी घरों को सुरक्षाबलों ने मिट्टी में मिला दिया था।
मारे गए आतंकी आसिफ अहमद शेख का घर पहले नंबर पर था। दक्षिण कश्मीर में दो अलग-अलग मुठभेड़ में छह स्थानीय आतंकवादियों के मारे जाने के साथ ही घाटी में सूचीबद्ध स्थानीय आतंकवादियों की संख्या घटकर सिंगल डिजिट में पहुंच गई है, जोकि 1990 के दशक में आतंकवाद शुरू होने के बाद से अब तक का सबसे कम आंकड़ा है। सूत्रों के अनुसार, घाटी में सक्रिय विदेशी आतंकवादियों की संख्या करीब 40 है।
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