फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   trouble due to flood

Jammu News: गुज्जर नगर में बाढ़ से नुकसान की अब तक नहीं हुई भरपाई

विज्ञापन
trouble due to flood
जानू गोस्वामी। अमर उजाला - फोटो : मनीष शर्मा
- तवी किनारे बसे लोग 10 माह से सरकारी मदद का कर रहे इंतजार
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। तवी के किनारे बसे गुज्जर नगर में बीते वर्ष 26 अगस्त को आई बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई अब तक नहीं हुई है। रोजी-रोजगार व परिवार के पालन-पोषण के लिए लोग महीनों भटके। स्थानीय स्तर पर स्वयंसेवी संस्थाओं व स्थानीय नागरिकों ने धर्म की दीवारों को तोड़कर प्रभावित 150 से अधिक परिवारों की दिल खोलकर मदद की, लेकिन प्रशासन व सरकार से अब तक मदद नहीं मिली है। प्रभावित लोगों का कहना है कि सरकारी स्तर पर पटवारी नुकसान की रिपोर्ट बनाकर ले गए, लेकिन बाढ़ आपदा राहत अब तक नहीं मिली।
बिक्रम चौक से तवी नदी पार कर महाराजा हरि सिंह पार्क से थोड़ा आगे चलने पर तवी के किनारे 50 वर्ष से अधिक समय से रह रहे परिवारों के बीच बाढ़ के जख्म आज भी हरे हैं। गलियां दोपहर में भीषण गर्मी के बीच सूनी नजर आईं। बाढ़ में मकानों के अंदर तक जमी गाद भले ही अब निकल गई है लेकिन तवी के किनारे सड़क अभी भी उजाड़ है, वियावान नजर आ रही है। तवी पुल के नीचे घर से निकलकर फुर्सत में खड़े सिलाई कारीगर जीतू गोस्वामी बोले, अभी कुछ नहीं मिला। प्रशासन ने अपने स्तर पर नुकसान की रिपोर्ट भेज दी है बस उसके आगे कुछ जानकारी नहीं है। पीड़ित परिवार एक बार डीसी से भी कलक्ट्रेट जाकर मिला था, लेकिन आश्वासन के अतिरिक्त कुछ नहीं मिला। रोजी-रोटी पटरी पर जरूर आ गई है लेकिन बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई नहीं हो सकी।
विज्ञापन

-----
सिलाई मशीन सहित लाखों का कपड़ा हुआ खराब
जीतू ने बताया कि वह घर पर ही सात सिलाई की मशीनें लगाकर पर्दे बनाने का काम करते हैं। बाढ़ आने के दो दिन पहले सिलाई के लिए मालिक ने एक लाख रुपये से अधिक का कपड़ा दिया था। बारिश के बाद तवी में आई बाढ़ ने पूरा कपड़ा खराब कर दिया। मशीनें भी खराब हो गईं। पुरानी मशीनें खरीदकर किसी तरह सिलाई का काम कर रहे हैं। प्रशासन और सरकार को पीड़ित परिवारों की तरफ ध्यान देने की जरूरत है।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
बाढ़ के बाद कई महीने तक रहे बेरोजगार
- 26 अगस्त, 2025 में बाढ़ आने के बाद घर पर सिलाई का काम प्रभावित हुआ। कई महीनों तक क्षतिग्रस्त घर की मरम्मत व गाद निकालने में लगे रहे। जिला प्रशासन से मदद के लिए गुहार लगाई, लेकिन अब तक कुछ नहीं मिला। सरकार को चाहिए कि पीड़ित परिवारों को वाजिब सहायता दी जाए।
-रोनित गोस्वामी, गुज्जर नगर
-----
बाढ़ ने सब कुछ बर्बाद कर दिया
- बाढ़ ने घर को तोड़ दिया। अभी तक मरम्मत नहीं करा सके हैं। किसी तरह परिवार का पालन-पोषण हो रहा है। घर पर कई बार प्रशासन की तरफ से सर्वे के लिए पटवारी व टीम आई, लेकिन सहायता राशि देने के नाम पर मात्र आश्वासन ही मिला। सरकार को चाहिए कि वह जल्द से जल्द आर्थिक सहायता दे।
- सुनील कुमार, गुज्जर नगर
-------
- रोजगार के पड़ गए लाले
- तवी नदी में बाढ़ के बाद घर तक सिल्ट पहुंच गई थी। दो से तीन महीने उसे साफ करने में लगे। इसमें हजारों रुपये मजदूरों को देना पड़ा। काम-धंधा भी चौपट हो गया। प्रशासन व सरकार ने अभी तक सुध नहीं ली है। रोजगार के लिए भी भटकना पड़ा।
-मोहम्मन हनीफ, गुज्जर नगर
-----
कई बार पटवारी व टीम आई, राहत नहीं मिली
बाढ़ के बाद कई बार प्रशासन की टीमें आईं, लेकिन सर्वे के बाद कोई हल नहीं निकल सका। अब तक पीड़ित परिवारों को राहत राशि नहीं मिली है। कुछ स्वंयसेवी संस्थाओं ने अपने स्तर पर भोजन, कपड़ों सहित आर्थिक सहायता कुछ परिवारों को दी, लेकिन सरकार अब तक कुछ नहीं दे सकी है।

- जानू गोस्वामी, गुज्जर नगर

जानू गोस्वामी। अमर उजाला

जानू गोस्वामी। अमर उजाला - फोटो : मनीष शर्मा

जानू गोस्वामी। अमर उजाला

जानू गोस्वामी। अमर उजाला - फोटो : मनीष शर्मा

जानू गोस्वामी। अमर उजाला

जानू गोस्वामी। अमर उजाला - फोटो : मनीष शर्मा

जानू गोस्वामी। अमर उजाला

जानू गोस्वामी। अमर उजाला - फोटो : मनीष शर्मा

जानू गोस्वामी। अमर उजाला

जानू गोस्वामी। अमर उजाला - फोटो : मनीष शर्मा

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed