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धूमधाम से मनाई गई महाराजा गुलाब सिंह की जयंती
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर राज्य के संस्थापक महाराजा गुलाब सिंह की 229वीं जयंती वीरवार को मनाई गई। महाराजा गुलाब सिंह मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से दरबार हाल अमर महल में कार्यक्रम हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
इस दौरान डॉ. कर्ण सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के इतिहास में डोगरा इतिहास को गलत रूप से पेश किया गया है। किताबों में डोगरा राजवंश की विरासतों को उचित रूप में रेखांकित नहीं किया, जिसे बदलने की जरूरत है। प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम में डोगरा राजवंश के इतिहास को जोड़ने की जरूरत है, ताकि डोगरा राजवंश के गौरव से लोग परिचित हो सकें। जम्मू-कश्मीर को डोगरा शास्कों ने बनाया है, जिस कारण डोगरा शास्कों के इतिहास से देश को रूबरू करवाने की जरूरत है। महाराजा गुलाब सिंह ने जम्मू-कश्मीर की सीमाओं का विस्तार किया और विदेश में भी युद्ध लड़े। अलगे वर्ष सात जून को महाराजा गुलाब सिंह के राज तिलक के 200 वर्ष पूर होंगे। इस अवसर में महाराजा गुलाब सिंह मेमोरियल ट्रस्ट ने तीन दिवसीय कार्यक्रम की तैयारी की है। जम्मू-कश्मीर को बनाने में महाराजा गुलाब सिंह का बहुमूल्य योगदान है। उनके कार्यों पर शोध होना चाहिए। इस दौरान उन्होंने युवा पीढ़ी द्वारा डोगरी कम बोलने पर चिंता व्यक्त की।
कार्यक्रम में मूर्तीकार रविंद्र जमवाल को महाराजा गुलाब सिंह मेमोरियल अवार्ड से सम्मानित किया गया। वहीं, महाराजा हरि सिंह की जीवन पर लिखी पुस्तक का भी विमोचन किया गया। इस दौरान विक्रमादित्य सिंह, मेजर जरनल जीएस जमवाल, हरबंस सिंह आदि मौजूद रहे।
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बसोहली पेटिंग की लगाई प्रदर्शनी
अमर महल में बसोहली पेंटिंग की प्रदर्शनी लगाई गई। अमर महल संग्रहालय में सोहन बिलावरिया और उनके छात्रों की कला कृतियों की प्रदर्शनी का उद्घाटन डॉ. कर्ण सिंह ने किया।
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इस दौरान डॉ. कर्ण सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के इतिहास में डोगरा इतिहास को गलत रूप से पेश किया गया है। किताबों में डोगरा राजवंश की विरासतों को उचित रूप में रेखांकित नहीं किया, जिसे बदलने की जरूरत है। प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम में डोगरा राजवंश के इतिहास को जोड़ने की जरूरत है, ताकि डोगरा राजवंश के गौरव से लोग परिचित हो सकें। जम्मू-कश्मीर को डोगरा शास्कों ने बनाया है, जिस कारण डोगरा शास्कों के इतिहास से देश को रूबरू करवाने की जरूरत है। महाराजा गुलाब सिंह ने जम्मू-कश्मीर की सीमाओं का विस्तार किया और विदेश में भी युद्ध लड़े। अलगे वर्ष सात जून को महाराजा गुलाब सिंह के राज तिलक के 200 वर्ष पूर होंगे। इस अवसर में महाराजा गुलाब सिंह मेमोरियल ट्रस्ट ने तीन दिवसीय कार्यक्रम की तैयारी की है। जम्मू-कश्मीर को बनाने में महाराजा गुलाब सिंह का बहुमूल्य योगदान है। उनके कार्यों पर शोध होना चाहिए। इस दौरान उन्होंने युवा पीढ़ी द्वारा डोगरी कम बोलने पर चिंता व्यक्त की।
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कार्यक्रम में मूर्तीकार रविंद्र जमवाल को महाराजा गुलाब सिंह मेमोरियल अवार्ड से सम्मानित किया गया। वहीं, महाराजा हरि सिंह की जीवन पर लिखी पुस्तक का भी विमोचन किया गया। इस दौरान विक्रमादित्य सिंह, मेजर जरनल जीएस जमवाल, हरबंस सिंह आदि मौजूद रहे।
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बसोहली पेटिंग की लगाई प्रदर्शनी
अमर महल में बसोहली पेंटिंग की प्रदर्शनी लगाई गई। अमर महल संग्रहालय में सोहन बिलावरिया और उनके छात्रों की कला कृतियों की प्रदर्शनी का उद्घाटन डॉ. कर्ण सिंह ने किया।