जम्मू-कश्मीर: जनजातीय स्वास्थ्य योजना जल्द, चार जिलों में पायलट स्तर पर शुरू होगी योजना
एनएचएम ने अस्पतालों में उपचार और सहायता प्रणाली की सुविधा के लिए प्रत्येक अस्पताल में जनजातीय आरोग्य मित्र स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। एंबुलेंस के एक नेटवर्क की भी योजना है।
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प्रदेश में जनजातीय (आदिवासी) आबादी में बसे लाखों लोगों के लिए जनजातीय स्वास्थ्य योजना को शुरू करने की तैयारी की जा रही है। यूटी कैपेक्स बजट के तहत 10 करोड़ से प्रारंभिक चरण में जम्मू और कश्मीर के दो-दो जिलों में योजना को पायलट स्तर पर शुरू किया जाएगा। इसके बाद सभी बीस जिलों में इसका विस्तार होगा। जनजातीय मामलों के विभाग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अधिकारियों ने बुधवार को उच्च स्तरीय बैठक कर जनजातीय स्वास्थ्य योजना को लागू करने के तौर तरीकों को अंतिम रूप दिया।
योजना में स्वास्थ्य सेवा के विभिन्न पहलुओं को शामिल करते हुए नई पहल की जा रही है। जनजातीय मामले विभाग के सचिव शाहिद इकबाल चौधरी ने आदिवासी विकास की वार्षिक योजना में मोबाइल चिकित्सा इकाइयों, स्वास्थ्य प्रणाली आदि पर चर्चा की। जनजातीय स्वास्थ्य योजना विभाग एनएचएम के साथ मिलकर शुरू करेगा। एमडी एनएचएम मो. यासीन चौधरी ने बताया कि जनजातीय स्वास्थ्य योजना में निवारक स्वास्थ्य देखभाल, मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयां, टेलीमेडिसिन, क्षमता निर्माण और पेशेवर मानव संसाधन नेटवर्क का विस्तार शामिल है। मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयों के लिए जनजातीय मामलों के विभाग बजट उपलब्ध करवाएगा।
इसके साथ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। हालिया सर्वेक्षण और आदिवासी गांवों में एकीकृत ग्राम विकास योजना (आईवीडीएस) के तहत किए गए आकलन डेटाबेस को बुनियादी ढांचे सहित स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए आधार रेखा के रूप में उपयोग किया जाएगा। एनएचएम निदेशालय वित्त पोषण के लिए भारत सरकार को एक विस्तृत योजना प्रस्तुत करेगा। जनजातीय स्वास्थ्य योजना, जनजातीय मामलों के विभाग की वार्षिक कैपेक्स योजना का एक हिस्सा है।
स्वास्थ्य संस्थानों का त्रिस्तरीय नेटवर्क काम करेगा
योजना के तहत स्वास्थ्य संस्थानों का त्रिस्तरीय नेटवर्क काम करेगा। जनजातीय स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना स्वास्थ्य संस्थानों के नेटवर्क के रूप में की जाएगी। इसमें जनजातीय मामलों के विभाग की ओर से बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया जाएगा और स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग के समन्वय से एनएचएम द्वारा जनशक्ति और रसद प्रदान की जाएगी। प्रवास की अवधि के दौरान उच्च भूमि क्षेत्रों में पूर्वनिर्मित झोंपड़ियों के निर्माण के साथ आदिवासी बहुल क्षेत्रों में मोबाइल चिकित्सा इकाइयां स्थापित होंगी। द्तिीय स्तर की स्वास्थ्य संस्थाओं में जनजातीय उपकेंद्र होंगे। इन संस्थानों को पीएचसी से जोड़ा जाएगा।