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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Trial for massacre of 24 Kashmiri Pandits resumes in Nadimarg, hearing on 15

Nadimarg Case: नाडीमर्ग में 24 कश्मीरी पंडितों के नरसंहार का ट्रायल फिर शुरू, 15 सितंबर को होगी सुनवाई

Fri, 26 Aug 2022 07:14 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर Published by: विमल शर्मा Updated Fri, 26 Aug 2022 07:14 PM IST
सार

नाडीमर्ग नरसंहार केस में पुलिस ने 2003 में सात आरोपियों को चार्जशीट किया था। आरोपियों पर विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज है। मामले की चार्जशीट प्रधान सत्र न्यायालय पुलवामा में दायर की गई थी, जिसके बाद इसे शोपियां प्रधान सत्र न्यायालय शिफ्ट कर दिया गया था।

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Trial for massacre of 24 Kashmiri Pandits resumes in Nadimarg, hearing on 15
highcourt srinagar - फोटो : फाइल

विस्तार

 कश्मीर घाटी के नाडीमर्ग में 2003 में हुए 24 कश्मीरी पंडितों के नरसंहार मामले में हाईकोर्ट ने ग्यारह साल बाद अपने आदेश को वापस ले लिया है। इसके साथ ही इस मामले में सुनवाई और नए सिरे से ट्रायल का रास्ता खुल गया है। हाईकोर्ट ने 15 सितंबर को तारीख तय कर दी है।

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गवाहों के घाटी छोड़ने की वजह से इस मामले में ट्रायल रुक गया था, जिसकी पुनर्विचार याचिका को पहले सत्र न्यायालय और फिर दो बार हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के सुझाव पर सरकार ने फैसला वापस लेने की याचिका दायर की, जिस पर हाईकोर्ट के न्यायाधीश संजय धर ने पुनर्विचार याचिका खारिज करने के आदेश को वापस ले लिया। अब केस का ट्रायल फिर शुरू हो सकता है।
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नाडीमर्ग नरसंहार केस में पुलिस ने 2003 में सात आरोपियों को चार्जशीट किया था। आरोपियों पर आरपीसी की धारा 302, 450, 395, 307, 120-बी, 326, 427, आर्म्स एक्ट की धारा 7/27 और पुलिस एक्ट की धारा 30 के तहत आरोप हैं। मामले की चार्जशीट प्रधान सत्र न्यायालय पुलवामा में दायर की गई थी, जिसके बाद इसे शोपियां प्रधान सत्र न्यायालय शिफ्ट कर दिया गया।
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कोर्ट में ट्रायल लंबित रहने के पीछे अभियोजन ने दलील दी थी कि डर की वजह से गवाह कश्मीर घाटी छोड़ चुके हैं। लिहाजा कमीशन गठित कर गवाहों के बयान सुरक्षित स्थानों पर दर्ज करने की अनुमति दी जाए, जिसे सत्र न्यायालय ने 9 फरवरी 2011 में खारिज कर दिया।

अभियोजन ने इसी दलील के साथ हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की जिसे 21 दिसंबर 2011 को अस्वीकार कर दिया गया। सरकार की ओर से इस मामले में 561-ए के तहत हाईकोर्ट में दोबारा याचिका दायर की गई जिसे हाईकोर्ट ने 26 फरवरी 2014 को फिर नामंजूर कर दिया।

हाईकोर्ट के बाद सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जिस पर कोर्ट ने 17 जुलाई 2015 को याचिका का निपटारा करते हुए हाईकोर्ट के पूर्ववर्ती आदेश को वापस लेने संबंधी याचिका दायर करने को कहा।

पुंछ में मारा गया था नाडीमर्ग नरसंहार का मास्टरमाइंड मुस्तफा

नाडीमर्ग नरसंहार का मास्टरमाइंड लश्कर-ए-ताइबा का पाकिस्तान आतंकी जिया मुस्तफा बीते अक्तूबर 2021 में पुंछ के भाटा दूड़ियां के जंगलों में मारा गया था। जिया मुस्तफा कोट भलवाल जम्मू जेल में बंद था, जिसे भाटा दूड़ियां के जंगलों में छिपे आतंकियों का पता लगाने के लिए सुरक्षा बल साथ ले गए थे। पुलिस के अनुसार मुस्तफा को भाटा दूड़ियां में छिपे आतंकियों का ठिकाना पता था, लेकिन मौके पर पहुंचने पर आतंकियों की फायरिंग से मुस्तफा मारा गया। सुरक्षा बलों के तीन जवान भी इसमें घायल हो गए थे।

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