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शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने में लगे कर्मियों की बिगड़ रही सेहत
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जम्मू। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने में लगे ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की सेहत बिगड़ रही है। कई-कई घंटे सड़क पर खड़े रहकर ड्यूटी देने से ट्रैफिक कर्मियों को घुटनों और रीढ़ में दर्द की शिकायत हो गई है। ऐसे 16 पुलिस कर्मियों ने एसएसपी को पत्र लिखकर इलाज के लिए विशेष अनुदान दिलाने और अवकाश देने की मांग की है।
सुबह से रात तक लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग के नियमों को अमल कराने में लगेे ट्रैफिक कर्मियों की जान पर बन आई है। काम के बोझ तले दबे ट्रैफिक कर्मियों को हड्डियों में दर्द की बीमारियों ने घेर लिया है। यही नहीं, कर्मियों को जम्मू में बढ़ते ट्रैफिक ने अस्थमा की बीमारी भी लगा दी है। जानकारी के अनुसार 16 कर्मियों ने एसएसपी कार्यालय में बताया कि वह रीढ़ की हड्डी में दर्द, घुटनों और एड़ियों में दर्द और अस्थमा की बीमारी से जूझ रहे हैं। वह इससे निजात और राहत चाहते हैं।
16-16 घंटे करनी पड़ रही ड्यूटी
जम्मू शहर में हर रोज 5 लाख वाहनों की मूवमेंट है। जबकि यातायात नियमों का पालन कराने के लिए 250 से 300 कर्मी ही तैनात हैं। कम कर्मियों की संख्या और अधिक वाहनों की मूवमेंट से ट्रैफिक कर्मियों को 15 से 16 घंटे ड्यूटी करनी पड़ रही है। शहर के अधिकतर स्थानों पर तैनात ट्रैफिक कर्मियों के लिए कुछ देर आराम करने या बैठने की कोई अन्य व्यवस्था नहीं है। सड़क पर खड़े रहने की वजह से उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है।
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गर्मियों में पानी तक नसीब नहीं
ट्रैफिक कर्मियों की गर्मियों में इस कदर हालत होती है कि पीने के लिए पानी तक नसीब नहीं होता। बारिश और कड़ी धूप में ड्यूटी देना और भी तकलीफ देता है। खासकर गर्मी में कर्मियों को कठिन स्थिति का सामना करना पड़ता है।
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16 कर्मियों ने रिपोर्ट की है कि उनको आर्थो और अस्थमा की बीमारी हो गई है। इनके लिए विशेष फंड देंगे, ताकि वह अपना इलाज करा सकें। बाकी के कर्मियों को इससे बचाना भी जरूरी है। लिहाजा विशेषज्ञ डॉक्टरों से बात की गई है। इनकी मदद से कर्मियों को बताया जाएगा कि ड्यूटी के वक्त खुद को शारीरिक रूप से किस तरह फिट रखना है। कर्मियों को बताएंगे कि किस पोजिशन में रहकर ड्यूटी करने से वह बीमारियों से दूर रह सकते हैं।
-शिव कुमार, एसएसपी, ट्रैफिक पुलिस जम्मू
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सुबह से रात तक लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग के नियमों को अमल कराने में लगेे ट्रैफिक कर्मियों की जान पर बन आई है। काम के बोझ तले दबे ट्रैफिक कर्मियों को हड्डियों में दर्द की बीमारियों ने घेर लिया है। यही नहीं, कर्मियों को जम्मू में बढ़ते ट्रैफिक ने अस्थमा की बीमारी भी लगा दी है। जानकारी के अनुसार 16 कर्मियों ने एसएसपी कार्यालय में बताया कि वह रीढ़ की हड्डी में दर्द, घुटनों और एड़ियों में दर्द और अस्थमा की बीमारी से जूझ रहे हैं। वह इससे निजात और राहत चाहते हैं।
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16-16 घंटे करनी पड़ रही ड्यूटी
जम्मू शहर में हर रोज 5 लाख वाहनों की मूवमेंट है। जबकि यातायात नियमों का पालन कराने के लिए 250 से 300 कर्मी ही तैनात हैं। कम कर्मियों की संख्या और अधिक वाहनों की मूवमेंट से ट्रैफिक कर्मियों को 15 से 16 घंटे ड्यूटी करनी पड़ रही है। शहर के अधिकतर स्थानों पर तैनात ट्रैफिक कर्मियों के लिए कुछ देर आराम करने या बैठने की कोई अन्य व्यवस्था नहीं है। सड़क पर खड़े रहने की वजह से उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है।
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गर्मियों में पानी तक नसीब नहीं
ट्रैफिक कर्मियों की गर्मियों में इस कदर हालत होती है कि पीने के लिए पानी तक नसीब नहीं होता। बारिश और कड़ी धूप में ड्यूटी देना और भी तकलीफ देता है। खासकर गर्मी में कर्मियों को कठिन स्थिति का सामना करना पड़ता है।
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16 कर्मियों ने रिपोर्ट की है कि उनको आर्थो और अस्थमा की बीमारी हो गई है। इनके लिए विशेष फंड देंगे, ताकि वह अपना इलाज करा सकें। बाकी के कर्मियों को इससे बचाना भी जरूरी है। लिहाजा विशेषज्ञ डॉक्टरों से बात की गई है। इनकी मदद से कर्मियों को बताया जाएगा कि ड्यूटी के वक्त खुद को शारीरिक रूप से किस तरह फिट रखना है। कर्मियों को बताएंगे कि किस पोजिशन में रहकर ड्यूटी करने से वह बीमारियों से दूर रह सकते हैं।
-शिव कुमार, एसएसपी, ट्रैफिक पुलिस जम्मू