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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Tractor on border : Farming started after 12 years near the zero line on the Indo Pak border

बॉर्डर पर ट्रैक्टर: भारत-पाक सीमा पर जीरो लाइन के पास 12 साल बाद खेती शुरू, गोलीबारी के दौर से बंजर थी जमीन

Tue, 09 Jul 2024 01:51 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, सांबा
अमर उजाला नेटवर्क, सांबा Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Tue, 09 Jul 2024 01:51 PM IST
सार

सांबा में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जीरो लाइन के पास 12 साल बाद जिला प्रशासन ने खेती शुरू करवाई है। सोमवार को किसानों ने 500 कनाल भूमि में उड़द की बुआई की।

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Tractor on border : Farming started after 12 years near the zero line on the Indo Pak border
जीरो लाइन पर खेती करते हुए - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में बदले माहौल का खेती क्षेत्र में भी असर दिखना शुरू हो गया है। सांबा में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जीरो लाइन के पास 12 साल बाद जिला प्रशासन ने खेती शुरू करवाई है। सोमवार को किसानों ने 500 कनाल भूमि में उड़द की बुआई की।

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पाकिस्तान की तरफ से की जाने वाली गोलीबारी के डर से किसानों ने सीमा पर खेती करना छोड़ दिया था। इससे जीरो लाइन पर किसानों की 800 कनाल भूमि बंजर पड़ी थी। इसमें से सीमा सुरक्षा बल ने 500 कनाल भूमि को समतल करवाकर खेती के योग्य बना दिया है। अभी 300 कनाल भूमि को खेती के योग्य बनाने के प्रयास चल रहे हैं।

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Tractor on border : Farming started after 12 years near the zero line on the Indo Pak border
जीरो लाइन पर खेती करते हुए - फोटो : अमर उजाला

जानकारी के अनुसार कृषि विभाग के अधिकारियों ने मौके पर जाकर किसानों को मुफ्त बीज वितरित किया। इससे पहले यहां गेहूं और तिल की भी खेती होती थी। सीमा की निगरानी में जुटे बीएसएफ के जवानों ने पूरी सुरक्षा में किसानों की भूमि की जुताई करवाने में मदद की। एक समय था जब तारबंदी के आगे की भूमि बंजर थी।

किसान जब भी खेत में जाते थे तो पाकिस्तानी रेंजर्स उन पर गोलियां दागते थे। इस कारण किसानों ने अपनी जमीन में जाना बंद कर दिया और खेती वाली ये भूमि बंजर बन गई। मुख्य कृषि अधिकारी मदन गोपाल सिंह, राजपुरा जोन के सुमित दत्त, विकास शर्मा और कुलबीर सिंह ने कहा कि यहां खेती शुरू होने से किसानों को आर्थिक मजबूती मिलेगी।

Tractor on border : Farming started after 12 years near the zero line on the Indo Pak border
जीरो लाइन पर खेती करते हुए - फोटो : अमर उजाला

सुरक्षाबलों के भरोसे पर जुटाई हिम्मत

सांबा के चचवाल के रहने वाले किसान हरि सिंह ने बताया कि लंबे समय तक उनकी भूमि बंजर पड़ी थी। पाक रेंजर्स की गोलीबारी के डर से वह अपने ही खेत में नहीं जा पाते थे। अब सीजफायर लागू होने और जिला प्रशासन के प्रयास से उन्होंने खेती शुरू की है। किसान सोहन सिंह का कहना है कि सैकड़ों कनाल भूमि तारबंदी के आगे है।

पाकिस्तान का कोई भरोसा नहीं है कि कब गोलीबारी शुरू कर दे। अब जिला प्रशासन व सुरक्षाबलों के भरोसे पर वह खेती करने की हिम्मत जुटा पाए हैं। किसान प्रीतम सिंह ने बताया कि उनकी 45 कनाल भूमि तारबंदी के आगे है। अब जीरो लाइन पर सरकार ने बांध बना दिया है। इससे वह सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

जिला उपायुक्त के निर्देश पर विभाग की टीम को किसानों के साथ संपर्क करने को कहा था। किसानों को तारबंदी के आगे की भूमि पर उड़द की खेती करने के लिए जागरूक किया गया है। किसानों को बीज भी उपलब्ध करवाया है। 500 कनाल भूमि पर बुआई का काम शुरू किया गया है।  -मदन गोपाल सिंह, मुख्य कृषि जिला अधिकारी सांबा

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