{"_id":"696b74158b0754bfd2061e63","slug":"tourist-arrivals-picking-up-as-conditions-improve-after-pahalgam-attack-2026-01-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu Kashmir: 'पहलगाम हमले के बाद सुधर रहे हालात, जम्मू-कश्मीर में फिर बढ़ने लगे पर्यटक', मुख्य सचिव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu Kashmir: 'पहलगाम हमले के बाद सुधर रहे हालात, जम्मू-कश्मीर में फिर बढ़ने लगे पर्यटक', मुख्य सचिव
Sat, 17 Jan 2026 05:06 PM IST
निकिता गुप्ता
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: निकिता गुप्ता
Updated Sat, 17 Jan 2026 05:06 PM IST
सार
पहलगाम आतंकी हमले और खराब मौसम के बाद प्रभावित हुआ जम्मू-कश्मीर का पर्यटन अब धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है और पर्यटकों की संख्या में फिर बढ़ोतरी देखी जा रही है।
विज्ञापन
मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने कहा है कि पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद खराब मौसम के कारण प्रभावित हुआ प्रदेश का पर्यटन क्षेत्र अब धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है। हालात में सुधार के साथ ही एक बार फिर पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
विज्ञापन
वर्ष 2025 में पहलगाम हमले और भारी बारिश व बाढ़ जैसी घटनाओं के कारण पर्यटन को भारी नुकसान हुआ था, लेकिन अब मौसम सामान्य होने के साथ पर्यटन गतिविधियां फिर से रफ्तार पकड़ रही हैं। सरकार बढ़ते पर्यटक दबाव को देखते हुए अपनी पर्यटन रणनीति की दोबारा समीक्षा कर रही है।
विज्ञापन
अटल डुल्लू ने कहा कि पारंपरिक पर्यटन स्थलों पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए नए पर्यटन स्थलों को विकसित करने की योजना बनाई गई है।
इस दिशा में एक बड़ी परियोजना पर काम किया जा रहा है, जिसमें परिवहन, और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है। हाल ही में सुरक्षा ऑडिट पूरा होने के बाद कई पर्यटन स्थलों को दोबारा खोला गया है और आने वाले समय में अन्य स्थानों को भी पर्यटकों के लिए खोलने की योजना है।
विज्ञापन
मुख्य सचिव ने स्प्रेड परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य भीड़भाड़ वाले पर्यटन स्थलों का दबाव कम कर पर्यावरण-संवेदनशील और सालभर चलने वाले वैकल्पिक पर्यटन केंद्र विकसित करना है। इस परियोजना के तहत बुनियादी ढांचा, कचरा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और आजीविका सृजन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
जम्मू क्षेत्र में बढ़ रही तीर्थयात्रियों की संख्या को लंबी अवधि के पर्यटन में बदलने के लिए विशेष रणनीति बनाई जा रही है, ताकि पर्यटक धार्मिक स्थलों के साथ-साथ सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्थलों का भी आनंद ले सकें।
डुल्लू ने डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के प्रभावी इस्तेमाल पर भी जोर दिया और कहा कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के सहयोग से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित किया जाएगा। राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, बंजी जंपिंग और वॉटर स्पोर्ट्स जैसी साहसिक गतिविधियों से जम्मू-कश्मीर को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है।