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Jammu News: आधी रात को गूंजा हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की
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- ठीक 12 बजे नंद के घर आनंद भयो के जयघोष से गूंज उठे मंदिर
- जन्माष्टमी पर कृष्णमय हुआ मंदिरों का शहर
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जन्माष्टमी पर शुक्रवार को मंदिरों के शहर जम्मू में आस्था का सैलाब उमड़ा। दिनभर मंदिरों में पूजा-अर्चना और भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से सजे मंदिर रात तक भक्तों से गुलजार रहे। रात के ठीक 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ तो मंदिर परिसर नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की, हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की के जयघोष से गूंज उठे।
श्री रघुनाथ जी मंदिर में श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ रही। इस्कॉन मंदिर, लोअर शिवनगर, ड्रीम सिटी धर्माल स्थित इस्कॉन मंदिर, गांधीनगर के श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर, रणबीरेश्वर मंदिर, बावे वाली माता मंदिर, पंचवक्त्र मंदिर, पक्का डंगा, पुरानी मंडी और जैन बाजार स्थित राधाकृष्ण मंदिरों में भी जन्माष्टमी का उत्सव धूमधाम से मनाया गया।
मंदिरों में सजे पालने में कान्हा के दर्शन और उन्हें झुलाने के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं। भक्तों ने माखन-मिश्री का भोग लगाया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। बच्चों को राधा और कृष्ण की वेशभूषा में सजाकर मंदिर लाने का सिलसिला भी चलता रहा। कई स्थानों पर दही हांडी और मटकी फोड़ कार्यक्रम हुए। इनमें बच्चों और युवाओं ने उत्साह से भाग लिया।
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रमा और राहुल ने बताया कि उन्होंने वे चार साल से सोच रहे थे कि जन्माष्टमी पर बेटे को कान्हा के रूप में सजाएंगे। इस बार उनकी इच्छा पूरी हुई। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रमुख मंदिरों के बाहर पुलिस का कड़ा पहरा रहा। श्री रघुनाथ जी मंदिर, इस्कॉन मंदिर, श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, रणबीरेश्वर मंदिर और पंचवक्त्र मंदिर समेत अन्य स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी। जन्माष्टमी का पर्व शहरभर में शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।
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कान्हा को लगाया माखन-मिश्री का भोग
मंदिरों में देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। पालने में सजे कान्हा को झुलाने और माखन-मिश्री का भोग लगाने के लिए भक्त कतारों में खड़े रहे। रात के ठीक 12 बजते ही मंदिर परिसर नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयघोष से गूंज उठे। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को श्रीकृष्ण जन्म की बधाई दी।
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प्रमुख मंदिरों के बाहर पुलिस का पहरा
जन्माष्टमी पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए शहर के प्रमुख मंदिरों के बाहर पुलिस की कड़ी सुरक्षा रही। श्री रघुनाथ जी मंदिर, इस्कॉन मंदिर, श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, रणबीरेश्वर मंदिर और पंचवक्त्र मंदिर समेत अन्य मंदिरों के बाहर पुलिस कर्मी तैनात रहे। सुरक्षा व्यवस्था के बीच शहरभर में जन्माष्टमी का पर्व शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।
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- जन्माष्टमी पर कृष्णमय हुआ मंदिरों का शहर
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जन्माष्टमी पर शुक्रवार को मंदिरों के शहर जम्मू में आस्था का सैलाब उमड़ा। दिनभर मंदिरों में पूजा-अर्चना और भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से सजे मंदिर रात तक भक्तों से गुलजार रहे। रात के ठीक 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ तो मंदिर परिसर नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की, हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की के जयघोष से गूंज उठे।
श्री रघुनाथ जी मंदिर में श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ रही। इस्कॉन मंदिर, लोअर शिवनगर, ड्रीम सिटी धर्माल स्थित इस्कॉन मंदिर, गांधीनगर के श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर, रणबीरेश्वर मंदिर, बावे वाली माता मंदिर, पंचवक्त्र मंदिर, पक्का डंगा, पुरानी मंडी और जैन बाजार स्थित राधाकृष्ण मंदिरों में भी जन्माष्टमी का उत्सव धूमधाम से मनाया गया।
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मंदिरों में सजे पालने में कान्हा के दर्शन और उन्हें झुलाने के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं। भक्तों ने माखन-मिश्री का भोग लगाया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। बच्चों को राधा और कृष्ण की वेशभूषा में सजाकर मंदिर लाने का सिलसिला भी चलता रहा। कई स्थानों पर दही हांडी और मटकी फोड़ कार्यक्रम हुए। इनमें बच्चों और युवाओं ने उत्साह से भाग लिया।
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रमा और राहुल ने बताया कि उन्होंने वे चार साल से सोच रहे थे कि जन्माष्टमी पर बेटे को कान्हा के रूप में सजाएंगे। इस बार उनकी इच्छा पूरी हुई। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रमुख मंदिरों के बाहर पुलिस का कड़ा पहरा रहा। श्री रघुनाथ जी मंदिर, इस्कॉन मंदिर, श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, रणबीरेश्वर मंदिर और पंचवक्त्र मंदिर समेत अन्य स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी। जन्माष्टमी का पर्व शहरभर में शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।
कान्हा को लगाया माखन-मिश्री का भोग
मंदिरों में देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। पालने में सजे कान्हा को झुलाने और माखन-मिश्री का भोग लगाने के लिए भक्त कतारों में खड़े रहे। रात के ठीक 12 बजते ही मंदिर परिसर नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयघोष से गूंज उठे। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को श्रीकृष्ण जन्म की बधाई दी।
प्रमुख मंदिरों के बाहर पुलिस का पहरा
जन्माष्टमी पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए शहर के प्रमुख मंदिरों के बाहर पुलिस की कड़ी सुरक्षा रही। श्री रघुनाथ जी मंदिर, इस्कॉन मंदिर, श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, रणबीरेश्वर मंदिर और पंचवक्त्र मंदिर समेत अन्य मंदिरों के बाहर पुलिस कर्मी तैनात रहे। सुरक्षा व्यवस्था के बीच शहरभर में जन्माष्टमी का पर्व शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।