कश्मीरः 450 से अधिक आतंकियों की मौजूदगी की सूचना, सोपोर में मारे गए आतंकी को लेकर डीजीपी का बयान
- लश्कर का शीर्ष आतंकी आसिफ मारा गया
- जम्मू के सभी जिलों में हालात सामान्य- डीजीपी
- 450 से अधिक आतंकियों की मौजूदगी की सूचना
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उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर में बुधवार को सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में लश्कर ए तैयबा के एक आतंकी को मार गिराया। सुरक्षाबलों को सोपोर में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। इसके तुरंत बाद सेना की 22 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), सीआरपीएफ और पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के जवानों द्वारा इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया।
इसी दौरान इलाके में छिपे आतंकी ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके जवाब में सेना की ओर से भी फायरिंग की गई। पुलिस के अनुसार इसमें लश्कर ए तैयबा के शीर्ष कमांडरों में शामिल आतंकी आसिफ को मार गिराने में सफलता मिली। पुलिस ने उसके पास से हथियार व गोला बारूद बरामद किया है। वहीं मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
जम्मू कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि माारे गए लश्कर के आतंकी आसिफ ने सोपोर में काफी आतंक मचा रखा था। पिछले एक महीने में वह आतंकी गतिविधियों में बहुत सक्रिय था। इतना ही नहीं पोस्टर जारी करके घाटी के लोगों को दुकानें और कारोबार बंद रखने की धमकी भी दी थी।
आतंकी ने ऑपरेशन में लगी टीम पर फेंका ग्रेनेड
उन्होंने बताया कि आज यानी की बुधवार सुबह सूत्रों से सूचना मिली की यह आतंकी सोपोर में छिपा हुआ है। इसको देखते हुए सेना के जवानों द्वारा इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। ऑपरेशन की भनक लगते ही आतंकी ने जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। इतना ही नहीं आतंकी आसिफ ने ऑपरेशन में लगी टीम पर ग्रेनेड फेंका जिससे 2 पुलिसकर्मी घायल हो गए। उनको उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
डीजीपी ने बताया कि जम्मू के सभी 10 जिलों में हालात पूरी तरह से सामान्य हो गए हैं। सभी स्कूल, कॉलेज और कार्यालय खुले हैं। लेह और कारगिल में भी हालात सामान्य हैं। वहां किसी भी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं है। कहा कि 90 फीसदी से अधिक क्षेत्र प्रतिबंधों से मुक्त हैं, साथ ही सौ फीसदी टेलीफोन एक्सचेंज काम कर रहे हैं।
450 से अधिक आतंकियों की मौजूदगी की सूचना
जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के बाद सुरक्षा बलों की ओर से बनाए गए दबाव के चलते ज्यादातर आतंकियों ने पहाड़ों पर सुरक्षित स्थानों पर पनाह ले ली है। अब इन दहशतगर्दों को घेरने के लिए सुरक्षा बलों की ओर से पहाड़ों पर घेराबंदी और तलाशी अभियान (कासो) चलाने की तैयारी है।
डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि त्राल में दो गुज्जरों की हत्या के बाद अब पहाड़ों पर आतंकियों को घेरने की योजना बनाई गई है। हकीकत पता चलने पर अब लोगों ने अपने घरों में इन्हें पनाह देना बंद कर दिया है। इस वजह से आतंकियों ने भागकर पहाड़ों पर सुरक्षित ठिकाना तलाश लिया है।