चाइनीज मांझे से कटा तीन साल की मासूस का गला
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जन्माष्टमी पर पतंगबाजी के चलते कई हादसे हुए। एक गंभीर हादसे में एक मासूम की जान पर बन आई।
बावे वाली माता के मंदिर में माथा टेकने जा रही आरएस पुरा निवासी एक साढ़े तीन साल की बच्ची का गट्टू डोर (चाइनीज मांझा) लगने से गला बुरी तरह से कट गया।
गले से काफी खून बह जाने के कारण आनन-फानन में बच्ची का आपरेशन किया गया। जम्मू मेडिकल कॉलेज में बच्ची का इलाज जारी है।
पुलिस ने पहुंचाया जीएमसी
अंबिका निवासी शिव नगर वार्ड 12, आरएस पुरा रविवार दोपहर अपने माता-पिता और भाई के साथ मोटरसाइकिल पर बावे वाली माता में माथा टेकने के लिए गई थी।
बाग-ए-बाहु पार्क के ठीक बाहर कहीं से डोर आकर सीधे गले में फंस गई और देखते ही देखते बच्ची का गला कट गया।
डोर लगने से गले से खून का रिसाव होने लगा। इस बीच वहां मौजूदा पुलिस की फ्लाइंग ने बच्ची को जीएमसी पहुंचाया।
एक घंटे तक चला आपरेशन
जीएमसी की इमरजेंसी में बच्ची के गले में टांके लगाने की कोशिश की गई लेकिन खून का रिसाव लगातार होने से उसे इमरजेंसी आपरेशन थियेटर में ले जाया गया।
एक घंटे तक चले आपरेशन के बाद उसके गले से खून के रिसाव को बंद करने में सफलता मिली। डाक्टरों के अनुसार कट काफी गहरा था और गले के दोनों तरफ लगा था लेकिन खुशकिस्मती यह थी कि डोर से गले की पाइप को नुकसान नहीं हुआ।
बाबे वाली माता ने दी दूसरी जिंदगी
बच्ची के पिता प्रवीण शास्त्री ने रोष जताते हुए कहा कि गट्टू जैसी जानलेवा डोर पर कड़ाई से प्रतिबंध होना चाहिए। रास्ते में खुलेआम लोग गट्टू डोर का प्रयोग कर रहे थे और इसकी बिक्री भी खुलेआम हो रही है।
उन्होंने कहा कि बावे वाली माता ने ही बच्ची को दूसरी जिंदगी दी है। हालांकि बच्ची का कई दिन अस्पताल में इलाज चल सकता है। जीएमसी में दिनभर गट्टू डोर से लहूलुहान होकर कई लोग पहुंचे, जिसमें अधिकांश बच्चे और राहगीर थे।
पतंग उड़ाते करंट लगने से बच्चे की मौत
जम्मू के बाबलियाना इलाके में पतंग ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। बताया जाता है कि उस परिवार का आठ वर्षीय बच्चा सुबह अपने घर की छत पर अन्य बच्चों की तरह पतंग उड़ा रहा था।
इसी दौरान वह छत के पास से गुजरने वाले बिजली के तारों के संपर्क में आ गया। इससे वह झटका खाकर दूर जा गिरा। आठ वर्षीय पंकू काफी समय तक यूं ही छत पर पड़ा रहा। जब तक घर वालों को पता चला, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
घर वालों ने उसे गांधी नगर अस्पताल पहुंचाया, जहां डाक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।