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अनंतनाग में सुरक्षाबलों ने ढेर किए तीन आतंकी, दक्षिणी कश्मीर में इस महीने 36 का हुआ सफाया

Mon, 29 Jun 2020 06:34 AM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 29 Jun 2020 06:34 AM IST
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Three unidentified terrorists killed in the encounter at Khulchohar area of Anantnag
भारतीय सेना

दक्षिणी कश्मीर में अनंतनाग के रूनीपोरा इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में तीन आतंकी मारे गए हैं। मारे गए आतंकियों के पास से एक एके 47 राइफल और 2 पिस्तौल बरामद की गई हैं। फिलहाल सर्च ऑपरेशन जारी है। 

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बता दें कि इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर एसओजी, सेना की 19-आरआर(राष्ट्रीय राइफल्स) और सीआरपीएफ ने तलाशी अभियान शुरू किया था। इस दौरान खुद को घिरा देख आतंकियों ने सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम पर फायरिंग करनी शुरू कर दी। 
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इसके बाद सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाला और कई घंटे चली मुठभेड़ में तीन आतंकियों को मार गिराया। मारे गए आतंकियों की पहचान अभी नहीं हो पाई है। इलाके में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। बता दें कि दक्षिणी कश्मीर में इस महीने 13वीं मुठभेड़ हुई है। जिसमें 36 आतंकियों का सफाया हुआ है।

डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि अनंतनाग में हुई मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकी और हिजबुल कमांडर मसूद मारा गया है। उन्होंने कहा कि मसूद के मारे जाने के बाद जम्मू संभाग का डोडा जिला पूरी तरह से आतंक मुक्त हो गया है। बताया कि मसूद दुष्कर्म का आरोपी था, जोकि फरार चल रहा था। इसके बाद वह हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हो गया, और कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था।

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खराब मौसम पर नजर गढ़ाए हुए हैं आतंकी संगठन

गौरतलब है कि मानसून में सरहद पर आतंकियों की घुसपैठ रोकना सबसे बड़ी चुनौती साबित होगा। जिस तरह से कठुआ और सांबा जिलों के बॉर्डर को आतंकियों ने घुसपैठ के लिए इस्तेमाल किया है, उस लिहाज से मानसून में घुसपैठ रोकना एक बड़ी चुनौती होगा। बहुत से नाले दोनों जिलों को पाकिस्तान से जोड़ते हैं। मानसून में कई जगहों पर बारिश की वजह से फेंसिंग क्षतिग्रस्त हो जाती है जिसका लाभ उठाकर आतंकी घुसपैठ करते हैं।

जानकारी के अनुसार पिछले चार वर्षों में नगरोटा और झज्जर कोटली में चार आतंकी हमले हुए हैं। इन हमलों में शामिल आतंकियों के कठुआ और सांबा जिलों के बॉर्डर से घुसपैठ करके आने का मामला सामने आया था। पकड़े गए इन आतंकियों के मददगारों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि किस तरह से आतंकी बॉर्डर से आते हैं। 

आतंकियों के मददगार हुए सक्रिय 

सूत्रों का कहना है कि आतंकी संगठन खराब मौसम पर नजर गढ़ाए हुए हैं। जैसे ही मानसून दस्तक देगा और बारिश का दौरा शुरू होगा तो आतंकी घुसपैठ के प्रयास तेज करेंगे। इसके लिए आतंकियों ने अपने मददगारों (ओजी वर्करों) को भी सक्रिय कर दिया है।

ओजी वर्करों को आतंकियों के लिए ठिकाने तैयार करने और घुसपैठ करने के बाद हथियार मुहैया कराने व कश्मीर पहुंचाने के लिए मदद करने को कहा गया है। अभी कुछ दिन पहले हीरानगर में बीएसएफ ने पाकिस्तान के भेजे गए ड्रोन को भी मार गिराया था जिसमें हथियार भेजे गए थे।  

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