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लॉकडाउन के बाद जम्मू कश्मीर में जरूरी सामग्री लेकर दाखिल हुए तीन लाख ट्रक
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कठुआ। 24 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा और इसके सप्ताह भर बाद से ही आपात सेवाओं को शुरू किए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर में अबतक तीन लाख से अधिक ट्रक दाखिल हो चुके हैं। कोरोना महामारी के बीच अवरोधक के रूप में इस बीमारी को फैलने से रोकने का काम कर रहे लखनपुर कॉरिडोर से होते हुए प्रदेश में दाखिल हुए यह ट्रक दवाएं और रोजमर्रा की जरूरत के सामान को लेकर आए। इससे प्रदेश की अर्थ व्यवस्था और रोजगार में सुधार हुआ है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार लॉकडाउन और इसके बाद के चरणों, अनलॉक और इसके बाद की प्रक्रिया में जरूरी सामान लेकर आए इन माल वाहक वाहनों ने भी अहम भूमिका निभाई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इन ट्रकों में से 11 फीसदी निर्माण सामग्री, 15 फीसदी फल और सब्जियां, 15 फीसदी राशन आदि लेकर दाखिल हुए हैं। इसी तरह से छह प्रतिशत वाहनों में पोल्ट्री/अंडे/भेड़ आदि लाई गईं। 18 फीसदी ट्रक अन्य जरूरी और 18 फीसदी गैर-जरूरी सामान लेकर दाखिल हुए हैं।
ज्ञात रहे कि केंद्र सरकार की ओर से कोरोना महामारी के चलते 24 मार्च को लॉकडाउन की घोषणा के बाद से लखनपुर में पाबंदियां लगा दी गई थीं। सप्ताह भर के भीतर ही जरूरी सामान लेकर ट्रकों को आवाजाही की अनुमति मिल गई थी। जिसके बाद धीरे धीरे वाहनों की आवाजाही में वृद्धि होती गई जो डेढ़ माह बाद से रफ्तार पकड़ चुकी थी।
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आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार लॉकडाउन और इसके बाद के चरणों, अनलॉक और इसके बाद की प्रक्रिया में जरूरी सामान लेकर आए इन माल वाहक वाहनों ने भी अहम भूमिका निभाई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इन ट्रकों में से 11 फीसदी निर्माण सामग्री, 15 फीसदी फल और सब्जियां, 15 फीसदी राशन आदि लेकर दाखिल हुए हैं। इसी तरह से छह प्रतिशत वाहनों में पोल्ट्री/अंडे/भेड़ आदि लाई गईं। 18 फीसदी ट्रक अन्य जरूरी और 18 फीसदी गैर-जरूरी सामान लेकर दाखिल हुए हैं।
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ज्ञात रहे कि केंद्र सरकार की ओर से कोरोना महामारी के चलते 24 मार्च को लॉकडाउन की घोषणा के बाद से लखनपुर में पाबंदियां लगा दी गई थीं। सप्ताह भर के भीतर ही जरूरी सामान लेकर ट्रकों को आवाजाही की अनुमति मिल गई थी। जिसके बाद धीरे धीरे वाहनों की आवाजाही में वृद्धि होती गई जो डेढ़ माह बाद से रफ्तार पकड़ चुकी थी।
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