नौशेरा में पाकिस्तानी चौकियों पर कार्रवाई के बाद LoC पर बढ़ा बैट हमले का खतरा
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नौशेरा में भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान की चौकियां तबाह करने के बाद पीरपंजाल इलाके में बैट हमले की आशंका बढ़ गई है। पाक बैट में आतंकी भी शामिल हैं। इसलिए एहतियात बरती जा रही है। पाकिस्तान राजोरी-पुंछ सेक्टर को बैट हमले के दृष्टिकोण से ज्यादा महफूज मानता रहा है।
कृष्णा घाटी और भिंबर गली में पाकिस्तान की ओर से भारतीय जवानों के साथ बर्बरतापूर्ण कार्रवाई पहले भी होती रही है। यूपीए सरकार के दौरान भी इसी सेक्टर में जवानों के सिर काटने की घटनाएं हुईं थीं। सुरक्षा एजेंसियों के मिले इनपुट के अनुसार पाकिस्तान ने बदले की कार्रवाई को अंजाम देने के लिए फिलहाल एलओसी पर पेट्रोलिंग बंद कर दी है। पाकिस्तान ने एलओसी से सटे पीओके के कई गांव खाली करवाए हैं।
सेना सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान को भारतीय सेना की ओर से जवाबी कार्रवाई की आशंका भी है, इसलिए पाकिस्तानी सेना ने फिलहाल सीधे टकराव से बचने की रणनीति अपनाई है। आतंकियों की घुसपैठ को कवर फायर देने के लिए पाकिस्तान की अग्रिम पोस्टों से सीजफायर का उल्लंघन किया जाता है। भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तानी चौकियां तबाह किए जाने के बाद भी पाक ने गोलाबारी की थी। इस कारण नौशेरा के एलओसी से सटे गांवों से लगभग 1200 लोग विस्थापित हुए थे।
पाकिस्तान की किसी नापाक साजिश की आशंका में सतर्क हुए सुरक्षाबल
चौकियां तबाह होने के बाद ही पाकिस्तान की ओर से कुपवाड़ा के नौगाम में आतंकियों की घुसपैठ कराने की कोशिश की गई। सेना को इनपुट मिले हैं कि नौगाम में घुसपैठ की कोशिश करने वाले आतंकी फिदायीन थे। अगर घुसपैठ सफल होती तो सैन्य शिविर पर फिदायीन हमला संभव था। भारतीय सेना ने इस घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया, लेकिन यह खतरा बारामुला से लेकर राजोरी-पुंछ सेक्टर तक बना हुआ है।
एलओसी पर मात खाने के बाद पाकिस्तान अक्सर बार्डर पर मोर्चा खोल देता है। इस कारण बार्डर पर बीएसएफ को सतर्क कर दिया है। हालांकि बीएसएफ और पाकिस्तान रेंजर्स में फ्लैग मीटिंग हुई है, पर तनाव कायम है।
कठुआ, आरएस पुरा और सांबा में आतंकियों की घुसपैठ की कोशिशों के अलावा सैन्य शिविरों पर फिदायीन हमले का भी खतरा बढ़ा है। बीएसएफ सूत्रों के मुताबिक बार्डर पर पाकिस्तानी रेंजरों की पोस्ट पर हलचल देखी गई है। बीएसएफ ने जवाबी कार्रवाई की तैयारियां पूरी कर ली हैं।
एलओसी और बार्डर पर छह साल में घुसपैठ की 2061 कोशिशें
पाकिस्तान की ओर से छह साल में आतंकियों की घुसपैठ कराने की 2061 कोशिशें हुईं हैं। 2010 से अब तक घुसपैठ की कोशिश करने वाले 316 आतंकियों को सुरक्षा बलों ने ढेर किया है। इस दौरान 1075 आतंकियों को पीओके की तरफ वापस खदेड़ दिया गया। घुसपैठ के दौरान आतंकियों की गिरफ्तारी मुश्किल होती है। फिर भी सुरक्षा बलों ने अब तक 15 आतंकियों को गिरफ्तार किया है।