किंग मेकर की भूमिका में ये सात विधायक
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जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव नतीजों में खंडित जनादेश में किसी भी दल को बहुमत न मिलने पर सरकार गठन में छह निर्दलीय और एक सीपीआई विधायक की भूमिका अहम हो गई है।
किंग मेकर की भूमिका में चल रहे इन सात विधायकों को अपने खेमे में शामिल करने के लिए पीडीपी हो या भाजपा, यहां तक कि नेकां और कांग्रेस भी डोरे डाल रही है।
सरकार बनाने के लिए जरूरी 44 के जादुई आंकड़े तक पहुंचाने के अहम हो चुकी भूमिका को समझते हुए इन विधायकों की बल्ले-बल्ले होने वाली है, सरकार चाहे कोई भी बनाए।
सज्जाद लोन
जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कांफ्रेंस के चेयरमैन सज्जाद लोन ने हंदवाड़ा विधानसभा सीट से जीत हासिल की है। 1967 में जन्मे लोन के पिता हुर्रियत कांफ्रेंस और पीपुल्स कांफ्रेंस के संस्थापक सदस्यों में रहे हैं। 2002 में अब्दुल गनी लोन की हत्या के बाद सज्जान लोन पीपुल्स कांफ्रेंस के चेयरमैन बने।
2009 में उन्होंने बारामुला सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ा लेकिन सफलता नहीं मिली। 2014 के विधानसभा चुनाव में हंदवाड़ा सीट से जीत हासिल करने के बाद वह किंग मेकर की भूमिका में हैं। उन्होंने खुद और अपने विधायक के साथ भाजपा के समर्थन की घोषणा की है।
तारिगामी और यासीन किंग मेकर की भूमिका में
मोहम्मद यूसुफ तारिगामी
सीपीआई के प्रदेश सचिव मोहम्मद यूसुफ तारिगामी को लगातार चौथी बार कुलगाम विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं का विश्वास हासिल हुआ है।
2014 विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने से पहले तारिगामी 1996, 2002, 2008 में भी कुलगाम विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
जम्मू कश्मीर विधानसभा में लगातार चौथी बार पहुंचने वाले तारिगामी इस बार किंग मेकर की भूमिका में हैं।
हकीम मोहम्मद यासीन
खान साहेब विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल करने वाले हकीम मोहम्मद यासीन पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट (पीडीएफ) के प्रधान भी हैं।
इससे पहले भी 2002 विधानसभा चुनाव में भी खान साहेब विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल कर चुके यासीन पीडीपी कांग्रेस गठबंधन सरकार में मंत्री भी रहे हैं।
2014 विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर इस बार वह फिर किंग मेकर की भूमिका में हैं।
रिजवी और डार की अहम भूमिका
सईद मोहम्मद बाकिर रिजवी
झंस्कार विधानसभा सीट से जीत हासिल करने वाले निर्दलीय विधायक सईद मोहम्मद बाकिर रिजवी भी किंग मेकर की भूमिका में आ चुके हैं। किसी भी दल को बहुमत के लिए जरूरी 44 का आंकड़ा पाने के लिए उनकी भी अहम भूमिका भी है।
बशीर अहमद डार
जम्मू कश्मीर पीपुल्स कांफ्रेंस के नेता बशीर अहमद डार ने कुपवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से नेशनल कांफ्रेंस के वरिष्ठ नेता एवं उपभोक्ता और जन वितरण मंत्री चौधरी मोहम्मद रमजान को हराया है।
डार की जीत से जम्मू कश्मीर पीपुल्स कांफ्रेंस ने विधानसभा चुनाव में दो सीटों पर जीत हासिल की है और इससे सज्जान लोन की भूमिका को ओर भी मजबूत किया है।
इंजीनियर के संपर्क में पार्टियां
इंजीनियर अब्दुल रशीद
लंगेट विधानसभा क्षेत्र से लगातार दूसरी बार निर्दलीय के तौर पर चुनाव जीते इंजीनियर अब्दुल रशीद इस बार किंग मेकर की भूमिका में हैं। कई पार्टियां उनके संपर्क में हैं।
वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव में भी वह निर्दलीय के तौर पर चुनाव जीते थे। विधानसभा के अंदर और बाहर वह सुर्खियों में रहते हैं।
पवन गुप्ता
उधमपुर विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीते पवन गुप्ता की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण हो चुकी है। भाजपा का टिकट न मिलने पर वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़े और जीते।
मोदी लहर का भी उधमपुर विधानसभा क्षेत्र में असर नहीं दिखा। इससे पहले वह भाजपा की टिकट पर पिछले विधानसभा चुनाव लड़े थे और उन्हें जीत हासिल नहीं हुई थी।