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Jammu News: जम्मू संभाग में अगले साल से बिजली कटौती से राहत के आसार
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मार्च तक 7.5 लाख नए स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य, 70 हजार पर काम पूरा
एटीएंडसी घाटे में गिरावट आने की उम्मीद, राष्ट्रीय औसत से कई गुना अधिक घाटा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू संभाग के दस जिलों में अगले वित्त वर्ष में बिजली कटौती से काफी हद तक राहत मिलने के आसार हैं। संभाग में मार्च 2026 तक 7.5 लाख नए स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इस दिशा में काम को गति दी गई है और 70 हजार के करीब मीटर लगा दिए गए हैं। विभाग का दावा है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उक्त क्षेत्रों में कटौती न के बराबर की जाएगी। इससे तकनीकी व वाणिज्यिक घाटा (एटीएंडसी) भी घटेगा।
संभाग में 11.5 लाख बिजली कनेक्शन हैं। इसमें प्रधानमंत्री विकास योजना (पीएमडीपी) के तहत करीब 3 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इसमें जिला जम्मू, उधमपुर, सांबा, बाड़ी ब्राह्मणा आदि क्षेत्र शामिल हैं। अब नई योजना रीवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्शन स्कीम (आरडीएसएस) के तहत दूसरे चरण में स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू किया गया है। इसमें साढ़े सात लाख तक मीटर लगाए जाएंगे। संभाग में वर्तमान में 33 प्रतिशत तक एटीएंडसी घाटा हो रहा है। देश में एटीएंडसी घाटे में जम्मू-कश्मीर सबसे ऊपर रहा है। इसका एक बड़ा कारण यहां स्मार्ट मीटरिंग न होना और बिजली की चोरी जारी रहना है। राष्ट्रीय औसत में 15.9 प्रतिशत तक एटीएंडसी नुकसान आंका जाता है।
स्मार्ट मीटरिंग वाले क्षेत्रों में भी घंटों की कटौती से जनता परेशान
विद्युत विभाग का दावा था कि जिन इलाकों में स्मार्ट मीटरिंग और यहां से अधिक राजस्व आ रहा है, वहां चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति देने के उचित प्रयास किए जाएंगे। लेकिन भीषण गर्मी में हालात इसके विपरीत हैं। जम्मू और आसपास के इलाकों में ही रोजाना 4 से 6 या इससे अधिक घंटे की बिजली कटौती की जा रही है। इससे लोग परेशान हैं। खासतौर पर अधिक कार्य व आराम समय वाले समय में बिजली कटौती आग में घी डालने का काम कर रही है।
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आगामी महीनों में बढ़ेगी बिजली की मांग, जम्मू सबसे आगे
जम्मू संभाग में वर्तमान में औसतन 1250 मेगावाट तक बिजली की मांग हो रही है, जो उमस भरे जुलाई और अगस्त में 1500 मेगावाट तक पहुंच जाएगी। मौजूदा समय में जम्मू जिले में ही 450 से 480 मेगावाट तक बिजली की खपत हो रही है। यह कुल आपूर्ति से 40 प्रतिशत तक है, जबकि पीक समय में यह मांग 600 मेगावाट तक पहुंच जाएगी।
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नियमित बिजली आपूर्ति के उचित प्रयास किए जा रहे
स्मार्ट मीटरिंग वाले क्षेत्रों में नियमित बिजली आपूर्ति के उचित प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों को वैकल्पिक तौर पर पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की तरफ आकर्षित होना चाहिए। भविष्य में ऐसी पहल ऊर्जा क्षेत्र में क्रांति ला सकती है।
- केके थापा, मुख्य अभियंता, विद्युत विभाग
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एटीएंडसी घाटे में गिरावट आने की उम्मीद, राष्ट्रीय औसत से कई गुना अधिक घाटा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू संभाग के दस जिलों में अगले वित्त वर्ष में बिजली कटौती से काफी हद तक राहत मिलने के आसार हैं। संभाग में मार्च 2026 तक 7.5 लाख नए स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इस दिशा में काम को गति दी गई है और 70 हजार के करीब मीटर लगा दिए गए हैं। विभाग का दावा है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उक्त क्षेत्रों में कटौती न के बराबर की जाएगी। इससे तकनीकी व वाणिज्यिक घाटा (एटीएंडसी) भी घटेगा।
संभाग में 11.5 लाख बिजली कनेक्शन हैं। इसमें प्रधानमंत्री विकास योजना (पीएमडीपी) के तहत करीब 3 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इसमें जिला जम्मू, उधमपुर, सांबा, बाड़ी ब्राह्मणा आदि क्षेत्र शामिल हैं। अब नई योजना रीवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्शन स्कीम (आरडीएसएस) के तहत दूसरे चरण में स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू किया गया है। इसमें साढ़े सात लाख तक मीटर लगाए जाएंगे। संभाग में वर्तमान में 33 प्रतिशत तक एटीएंडसी घाटा हो रहा है। देश में एटीएंडसी घाटे में जम्मू-कश्मीर सबसे ऊपर रहा है। इसका एक बड़ा कारण यहां स्मार्ट मीटरिंग न होना और बिजली की चोरी जारी रहना है। राष्ट्रीय औसत में 15.9 प्रतिशत तक एटीएंडसी नुकसान आंका जाता है।
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स्मार्ट मीटरिंग वाले क्षेत्रों में भी घंटों की कटौती से जनता परेशान
विद्युत विभाग का दावा था कि जिन इलाकों में स्मार्ट मीटरिंग और यहां से अधिक राजस्व आ रहा है, वहां चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति देने के उचित प्रयास किए जाएंगे। लेकिन भीषण गर्मी में हालात इसके विपरीत हैं। जम्मू और आसपास के इलाकों में ही रोजाना 4 से 6 या इससे अधिक घंटे की बिजली कटौती की जा रही है। इससे लोग परेशान हैं। खासतौर पर अधिक कार्य व आराम समय वाले समय में बिजली कटौती आग में घी डालने का काम कर रही है।
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आगामी महीनों में बढ़ेगी बिजली की मांग, जम्मू सबसे आगे
जम्मू संभाग में वर्तमान में औसतन 1250 मेगावाट तक बिजली की मांग हो रही है, जो उमस भरे जुलाई और अगस्त में 1500 मेगावाट तक पहुंच जाएगी। मौजूदा समय में जम्मू जिले में ही 450 से 480 मेगावाट तक बिजली की खपत हो रही है। यह कुल आपूर्ति से 40 प्रतिशत तक है, जबकि पीक समय में यह मांग 600 मेगावाट तक पहुंच जाएगी।
नियमित बिजली आपूर्ति के उचित प्रयास किए जा रहे
स्मार्ट मीटरिंग वाले क्षेत्रों में नियमित बिजली आपूर्ति के उचित प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों को वैकल्पिक तौर पर पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की तरफ आकर्षित होना चाहिए। भविष्य में ऐसी पहल ऊर्जा क्षेत्र में क्रांति ला सकती है।
- केके थापा, मुख्य अभियंता, विद्युत विभाग