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जवान को सैन्य सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई
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रियासी/पौनी। अमृतसर (पंजाब) में सड़क हादसे में काल का ग्रास बने सैन्य जवान हवलदार कुलबिंदर सिंह का रविवार को खैरालेड़ स्थित श्मशानघाट में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया है। इस दौरान सभी लोगों की आंखे नम थीं। वहीं, क्षेत्र में शोक लहर है।
पौनी तहसील के खैरालेड़ निवासी कुलबिंदर सिंह पुत्र कैप्टन शेर सिंह आर्टी रेजीमेंट खालसा केंट, अमृतसर में तैनात था। शनिवार सुबह बाइक से ड्यूटी पर जाते समय तेज रफ्तार बोलेरो ने टक्कर मार दी थी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। बाद में अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। शनिवार रात को जवान के पार्थिव शरीर घर लाया गया। इसके घर पहुंचते ही चीखोपुकार मच गई। रविवार को कुलबिंदर सिंह का अंतिम संस्कार खैरालेड़ के श्मशान घाट में सैन्य सम्मान के साथ किया गया। इस मौके पर जवानों ने गॉड ऑफ आनर दिया। मौके पर कमांडिंग अफसर गौरव थापा, सेना की 63 आरआर भारख के कमांडेंट करपिंदर सिंह ने सलामी दी।
बेटे की मौत से टूटा परिवार
कुलबिंदर सिंह के पिता कैप्टन शेर सिंह ने बताया कि कभी नहीं सोचा था बेटे का शव तिरंगे में इस तरह घर आएगा। बेटे की मौत के सदमे से पूरा परिवार टूट गया है। उसकी पत्नी और दो बेटे दो माह पहले ही अमृतसर गए थे। उसकी शादी 11 साल पहलेे हुई थी।
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पौनी तहसील के खैरालेड़ निवासी कुलबिंदर सिंह पुत्र कैप्टन शेर सिंह आर्टी रेजीमेंट खालसा केंट, अमृतसर में तैनात था। शनिवार सुबह बाइक से ड्यूटी पर जाते समय तेज रफ्तार बोलेरो ने टक्कर मार दी थी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। बाद में अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। शनिवार रात को जवान के पार्थिव शरीर घर लाया गया। इसके घर पहुंचते ही चीखोपुकार मच गई। रविवार को कुलबिंदर सिंह का अंतिम संस्कार खैरालेड़ के श्मशान घाट में सैन्य सम्मान के साथ किया गया। इस मौके पर जवानों ने गॉड ऑफ आनर दिया। मौके पर कमांडिंग अफसर गौरव थापा, सेना की 63 आरआर भारख के कमांडेंट करपिंदर सिंह ने सलामी दी।
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बेटे की मौत से टूटा परिवार
कुलबिंदर सिंह के पिता कैप्टन शेर सिंह ने बताया कि कभी नहीं सोचा था बेटे का शव तिरंगे में इस तरह घर आएगा। बेटे की मौत के सदमे से पूरा परिवार टूट गया है। उसकी पत्नी और दो बेटे दो माह पहले ही अमृतसर गए थे। उसकी शादी 11 साल पहलेे हुई थी।
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